रायपुर में पहला सुशासन तिहार शंकर नगर में लगाया जाएगा

रायपुर, 10 मई (वेदांत समाचार)। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री Arun Sao के मार्गदर्शन में रायपुर नगर निगम क्षेत्र में “सुशासन तिहार 2026” के अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जाएगा। रायपुर नगर निगम के सभी 10 जोनों में अलग-अलग तिथियों पर शिविर लगाए जाएंगे, जहां आम नागरिक अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन दे सकेंगे।नगर निगम जोन 3 के वार्ड 12, 29, 30, 31, 33, 47 और 48 के लिए 11 मई 2026 को शंकरनगर स्थित सिंधु भवन (बीटीआई मैदान के सामने) में शिविर आयोजित होगा। जोन 4 के वार्ड 34, 43, 44, 45, 46, 57 और 64 के लिए 14 मई को बूढ़ापारा इंडोर स्टेडियम में शिविर लगेगा। इसी तरह जोन 5 के वार्ड 39, 40, 41, 42, 66, 67 और 68 हेतु 18 मई को अश्वनी नगर स्थित महाराष्ट्रीयन तेली समाज भवन में शिविर आयोजित किया जाएगा।जोन 1 के वार्ड 3, 4, 5, 15, 16, 17 और 18 के लिए 19 मई को गुढियारी के मारूती मंगलम भवन में शिविर होगा। जोन 6 के वार्ड 58 से 65 तक के लिए 20 मई को संजय नगर स्थित संजय यादव स्कूल में शिविर आयोजित होगा। जोन 2 के वार्ड 6, 13, 14, 26, 27, 28 और 35 के लिए 22 मई को जीई रोड स्थित शहीद स्मारक भवन में शिविर लगेगा।जोन 8 के वार्ड 1, 2, 19, 20, 21, 69 और 70 हेतु 25 मई को टाटीबंध के अग्रसेन भवन में शिविर आयोजित होगा। जोन 7 के वार्ड 22, 23, 24, 25, 36, 37 और 38 के लिए 28 मई को पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में शिविर लगाया जाएगा। वहीं, जोन 9 के वार्ड 7, 8, 9, 10, 11, 32 और 51 के लिए 29 मई को पॉम बेलाजियो के सामने स्थित गारमेंट फैक्टरी परिसर में शिविर होगा। जोन 10 के वार्ड 49, 50, 52, 53, 54, 55 और 56 के लिए 5 जून 2026 को कमल विहार गेट के पास देवपुरी धर्मशाला (गुरुद्वारा) में शिविर आयोजित किया जाएगा।शिविरों में आम नागरिकों से सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक आवेदन लिए जाएंगे। इन शिविरों में नगर निगम के साथ-साथ राजस्व, विद्युत, खाद्य, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, कृषि, महिला एवं बाल विकास, श्रम, पशुधन विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी सहित कई विभागों के अधिकारी उपस्थित रहेंगे।प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि शिविरों का सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित किया जाए और अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी हो। शिविर स्थलों पर छाया, पेयजल, कुर्सी-टेबल जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं भी की जाएंगी। साथ ही प्राप्त आवेदनों का अधिकतम एक माह के भीतर निराकरण कर संबंधित आवेदकों को जानकारी देना भी अनिवार्य रहेगा।

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