कोरबा 07 अपै्रल। पटपरा पंचायत में उचित मूल्य की दुकान चलाने वालों ने सरकारी चावल का गबन करने के साथ 400 से ज्यादा कार्डधारियों का हक मार लिया। प्रशासन की जांच में यह बात साबित हुई। प्रकरण में संबंधित दुकान का अनुबंध निरस्त कर दिया गया है। सरपंच, सचिव और सेल्समेन पर केस दर्ज करने की कार्यवाही की जा रही है।

अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं अनुविभागीय दण्डाधिकारी, पाली द्वारा शासकीय उचित मूल्य दुकान पटपरा में हुए खाद्यान्न गबन के मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। विकासखण्ड पाली के अंतर्गत ग्राम पंचायत पटपरा की उचित मूल्य दुकान के संचालन में पाई गई गंभीर अनियमितताओं और राशन के अफरा-तफरी के प्रकरण में अब संबंधित संस्था के पदाधिकारियों के विरुद्ध पुलिस थाना पाली में प्रथम सूचना प्रतिवेदन दर्ज कराई जाएगी। एसडीएम द्वारा खाद्य निरीक्षक पाली को इस संबंध में तत्काल आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने हेतु आदेशित किया गया है। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया है कि महिला जागृति स्व सहायता समूह भोडकछार द्वारा संचालित इस दुकान में जनवरी 2026 के वितरण रिकॉर्ड में हेराफेरी की गई थी। पटवारी द्वारा की गई आकस्मिक जांच में पाया गया कि समूह ने 562 कार्डधारियों के अंगूठे के निशान और हस्ताक्षर तो ले लिए थे, लेकिन वास्तव में 400 से अधिक हितग्राहियों को राशन का वितरण नहीं किया गया। इसके अतिरिक्त मार्च 2026 के आवंटन में से भी 154 क्विंटल चावल का वितरण नहीं किया गया और भौतिक सत्यापन में 50 किलो चावल स्टॉक में कम पाया गया। समूह द्वारा जांच दल को स्टॉक से संबंधित दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं कराए गए, जो सीधे तौर पर गबन और आर्थिक अनियमितता की ओर संकेत करता है।

प्रशासनिक कार्रवाई के तहत इस गबन के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार तत्कालीन दुकान संचालक संस्था ‘महिला जागृति स्व सहायता समूह भोडकछार’ की अध्यक्ष श्रीमती कांति बाई, सचिव श्रीमती अनिता और विक्रेता श्री रविन्द्र कुमार को नामजद किया गया है। इन सभी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 की विभिन्न कंडिकाओं और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के उल्लंघन के तहत दण्डात्मक कार्रवाई की जा रही है।

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