वब जी राम जी
R.O. No. 13952/23
R.O. No. 13952/23

   रायपुर –  छत्तीसगढ़ में विकसित भारत जी राम जी योजना के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए राज्य स्तर पर नया सिस्टम बनाने की तैयारी है। इसके तहत मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय संचालन समिति गठित की जाएगी। समिति में 20 से ज्यादा विभागों के सचिवों के साथ विषय विशेषज्ञ, तकनीकी एवं शोध संस्थानों के प्रतिनिधि और केंद्र सरकार का एक नामित सदस्य शामिल होंगे। समिति जिलों के प्रदर्शन की समीक्षा करेगी।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की ओर से विकसित भारत जी राम जी छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय संचालन समिति नियम 2026 का ड्राफ्ट तैयार किया गया है। यह अभी प्रस्तावित नियम हैं। इस पर संबंधित पक्षों से सुझाव और आपत्तियां मंगाई गई है। प्रस्तावित समिति में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के भारसाधक सचिव उपाध्यक्ष और विकसित भारत जी राम जी के आयुक्त सदस्य सचिव होंगे।

लोक निर्माण, वित्त, राजस्व, वन, कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, जल संसाधन, स्कूल शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, ऊर्जा और कौशल विकास सहित विभिन्न विभागों के सचिव सदस्य रहेंगे।

इसके अलावा पंचायत संचालनालय, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), जनसंपर्क, एनआईसी, सामाजिक अंकेक्षण इकाई, वाटरशेड प्रबंधन एजेंसी और राज्य नीति आयोग के प्रतिनिधियों को भी शामिल करने का प्रावधान है।

 

समयबद्ध योजना और डिजिटल निगरानी

समिति की प्रमुख जिम्मेदारी राज्य की समेकित योजना समय पर तैयार कराना और योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना होगा। राष्ट्रीय स्तरीय संचालन समिति के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के साथ डिजिटल सिस्टम, निगरानी व्यवस्था और प्रक्रियाओं में सुधार के लिए भी मार्गदर्शन दिया जाएगा।

निर्धारित नियमों के अनुसार जरूरी मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी समिति को देने का प्रस्ताव है। समिति की बैठक साल में कम से कम दो बार होगी। जरूरत पड़ने पर अध्यक्ष विशेष बैठक भी बुला सकेंगे। समिति की प्रमुख सिफारिशों को दर्ज करने और सार्वजनिक करने का तरीका भी अध्यक्ष तय करेंगे।

जी राम जी अधिनियम के प्रमुख प्रावधान

  • नया कानूनी ढांचा: विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण), यानी वीबी-जी रामजी अधिनियम 2025 ने मनरेगा की जगह ली है। यह अधिनियम देशभर में 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हुआ।
  • 125 दिन रोजगार की गारंटी: पात्र ग्रामीण परिवार के वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम करने के इच्छुक हों, तो उस परिवार को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिन के मजदूरी रोजगार की वैधानिक गारंटी है।
  • प्रमुख कार्यक्षेत्र: जल सुरक्षा और संरक्षण, बुनियादी ग्रामीण ढांचा, आजीविका से जुड़ा ढांचा और चरम मौसमी घटनाओं के प्रभाव को कम करने वाले कार्य।
  • राज्य स्तरीय समिति की भूमिका: प्रस्तावित समिति राज्य की समेकित योजना समय पर तैयार कराने, विभागों के बीच समन्वय, जिलों के प्रदर्शन की समीक्षा, डिजिटल निगरानी में सुधार और आवश्यक मानव संसाधन की उपलब्धता पर काम करेगी।
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