रायपुर – नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार पर लगाम कसने के लिए पुलिस मुख्यालय स्तर पर एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) की अलग विंग बनाई जाएगी। सीआईडी और तकनीकी सेवा (साइबर) की तरह इसका भी अलग सेटअप होगा। इसका नेतृत्व डीजी या एडीजी रैंक के अधिकारी करेंगे।
इसमें आईजी, डीआईजी, एसपी, एएसपी, डीएसपी, टीआई से लेकर सिपाही तक की तैनाती होगी। सेटअप के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद शुरुआती तौर पर अस्थायी नियुक्तियां की जाएंगी। इसके बाद भर्ती भी होगी। देश के सभी राज्यों में इस तरह की विंग गठित करने की तैयारी है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक एएनटीएफ का उद्देश्य ड्रग्स की तस्करी, अवैध बिक्री और सप्लाई नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई को प्रभावी बनाना है। अलग टीम बनने से नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों की जांच, तस्करों की पहचान और उनके नेटवर्क तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
कार्रवाई का दायरा नेटवर्क की अंतिम कड़ी यानी नशीले पदार्थों की खेती करने वालों तक बढ़ाया जाएगा। उनकी संपत्ति कुर्क करने और नीलाम करने की कार्रवाई भी की जाएगी। यह विंग स्थानीय पुलिस और संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर कार्रवाई करेगी।
जिलों में पहले से विंग, मुख्यालय से की जाएगी निगरानी
राज्य के जिलों में एएनटीएफ की इकाइयां बनाई गई हैं, जो संबंधित एसपी के अधीन काम कर रही हैं। अब पहली बार पुलिस मुख्यालय स्तर पर इसका अलग सेटअप तैयार किया जा रहा है। यहां से राज्यभर में कार्रवाई का पर्यवेक्षण और विभिन्न इकाइयों के बीच समन्वय किया जाएगा।
एएनटीएफ स्थानीय पुलिस, आबकारी विभाग, राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई), नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) समेत अन्य केंद्रीय एजेंसियों के साथ तालमेल कर ड्रग्स के नेटवर्क और सप्लाई चेन के खिलाफ कार्रवाई करेगी।
अब नक्सलवाद की तरह नशे के नेटवर्क को खत्म करने का लक्ष्य
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद की तर्ज पर सूखे नशे के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए 2029 की समयसीमा तय की गई है। आने वाले समय में नशीले पदार्थों की तस्करी, सप्लाई चेन और इससे जुड़े नेटवर्क के खिलाफ अभियान तेज होने की तैयारी है।
इस चुनौती को नारकोटिक्स टेररिज्म के रूप में भी देखा जा रहा है। छत्तीसगढ़ नशे की तस्करी के कॉरिडोर के रूप में सामने आया है। ऐसे में राज्य में तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने और सप्लाई चेन पर शिकंजा कसने के लिए केंद्र का फोकस बढ़ने की संभावना है।
एडीजी अमित कुमार के नेतृत्व में बनेगी नई टीम, विस्तार भी होेगा
पिछले माह शासन ने खुफिया प्रमुख अमित कुमार को एएनटीएफ की जिम्मेदारी सौंपी है। उनके साथ डीआईजी पारुल माथुर और आईपीएस आकाश शुक्ला को भी जिम्मेदारी दी गई है। अब निचले स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति की जानी है।
इसमें एएसपी, डीएसपी, टीआई, एसआई, एएसआई से लेकर सिपाही तक शामिल होंगे। पहले चरण में 25 सदस्यों की टीम बनाने की तैयारी है। इसके बाद इसका विस्तार किया जाएगा।
सख्ती: 2025 में 1288 केस, 2342 तस्कर अरेस्ट
राज्य में वर्ष 2025 के दौरान नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई में 1,288 मामले दर्ज किए गए और 2,342 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान पुलिस ने 16,999.7 किलोग्राम गांजा, 1,524 किलोग्राम डोडा, 1,259 ग्राम अफीम, 2.039 किलोग्राम हेरोइन, 23.56 ग्राम कोकीन और 70.46 ग्राम एमडीएमए जब्त किया। इसके अलावा 2,41,138 अन्य नशीले पदार्थ भी जब्त किए गए।
जिलों में एएनटीएफ का किया गया है गठन
जिलों में एएनटीएफ का गठन किया गया है। पुलिस मुख्यालय स्तर पर इसका अलग सेटअप बनाया जा रहा है। यह फोर्स राज्य में समन्वय के साथ कार्रवाई करेगी। -अमित कुमार, एडीजी, एएनटीएफ
