आम की छांव में मुख्यमंत्री की चौपाल: खाट पर बैठे, ग्रामीणों की सुनी बात, मौके पर दिए समाधान

आम के पेड़ की छांव में खाट पर बैठे मुख्यमंत्री, ग्रामीणों से किया सीधा संवाद; नर्सिंग कॉलेज, मिनी स्टेडियम और मंगल भवन की घोषणा
रायपुर, 06 जून। सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही विकासखंड स्थित ग्राम निमधा में ग्रामीणों के बीच पहुंचकर जनचौपाल लगाई। आम के पेड़ की छांव में खाट पर बैठकर मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से सीधे संवाद किया और शासन की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की जानकारी ली।मुख्यमंत्री ने बिजली, पानी, सड़क, राशन, स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं तथा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 1 मई से 10 जून तक प्रदेशभर में आयोजित सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन को जनता के द्वार तक पहुंचाना और समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है।
जनसंवाद के दौरान ग्रामीणों एवं मरवाही विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची ने जिले में नर्सिंग कॉलेज, ग्राम निमधा में मिनी स्टेडियम तथा सर्वसमाज के लिए विशाल मंगल भवन निर्माण की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने तीनों मांगों को तत्काल स्वीकृति देते हुए उनकी घोषणा की।बिजली आपूर्ति संबंधी शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से मौके पर जानकारी लेकर व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। वहीं राजस्व विभाग से जुड़ी शिकायतों पर संबंधित अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें, अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और लखपति दीदियों से संवाद करते हुए उन्हें आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अब महिलाओं का लक्ष्य केवल लखपति बनना नहीं, बल्कि करोड़पति दीदी बनना होना चाहिए। महिलाओं ने बताया कि महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि उनके परिवार की जरूरतों और बच्चों की शिक्षा में सहायक सिद्ध हो रही है।मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त के तहत प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में राशि अंतरित की गई है। साथ ही राज्य सरकार द्वारा 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति भी प्रदान की गई है।

उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश में जल्द ही सीएम हेल्पलाइन शुरू की जाएगी, जिसके माध्यम से नागरिक टोल फ्री नंबर, ईमेल और व्हाट्सएप के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे तथा उनके त्वरित समाधान की व्यवस्था की जाएगी।
इस दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और विष्णु भोग चावल, ब्लैक राइस, शहद, पापड़ एवं लड्डू सहित स्थानीय उत्पाद भेंट किए। मुख्यमंत्री ने महिलाओं की उद्यमशीलता की सराहना करते हुए कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
ग्रामीण परिवेश में आयोजित इस चौपाल में मुख्यमंत्री ने स्थानीय व्यंजनों का स्वाद भी लिया तथा स्व-सहायता समूहों की प्रेरणादायक सफलता कथाओं पर आधारित ‘आजीविका गाथा’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका यह दौरा केवल योजनाओं की समीक्षा नहीं, बल्कि लोगों की वास्तविक जरूरतों और अपेक्षाओं को समझने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना और सुशासन को सशक्त बनाना है।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति रही।
