पाताल लोक’ के बाद आखिर क्यों चुनी ‘राख’? प्रोसित रॉय ने बताई खास वजह

‘राख’ सिर्फ क्राइम थ्रिलर नहीं, मानव मनोविज्ञान की गहरी पड़ताल : प्रोसित रॉय

मुंबई। निर्देशक प्रोसित रॉय की आगामी वेब सीरीज राख एक साधारण क्राइम थ्रिलर से कहीं अधिक है। पहली नजर में यह एक मिसिंग पर्सन्स इन्वेस्टिगेशन पर आधारित कहानी लगती है, लेकिन इसके केंद्र में मानवीय भावनाओं, संघर्षों और मनोविज्ञान की गहरी परतें मौजूद हैं।

प्रोसित रॉय ने बताया कि पाताल लोक की सफलता के बाद वह दोबारा क्राइम जॉनर में काम करने के इच्छुक नहीं थे और कुछ नया करना चाहते थे। हालांकि, राख की कहानी सुनने के बाद उनका नजरिया बदल गया।

उन्होंने कहा, “मैं एक और क्राइम शो बनाने के लिए उत्साहित नहीं था, क्योंकि पाताल लोक के बाद कुछ अलग करना चाहता था। लेकिन राख की कहानी ने मुझे आकर्षित किया। यह केवल अपराध और जांच की कहानी नहीं है, बल्कि इसमें कई भावनात्मक और मानवीय पहलुओं को गहराई से दिखाया गया है। इसके किरदार बेहद जटिल और बहुआयामी हैं, यहां तक कि जांच अधिकारी का चरित्र भी पारंपरिक पुलिस किरदारों से अलग है।

”रॉय के अनुसार, राख मूल रूप से मानव मनोविज्ञान को समझने और प्रस्तुत करने वाली कहानी है। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसे बेटे की यात्रा को दर्शाती है जो अपनी पहचान स्वीकार करने और आंतरिक संघर्षों से उबरने की कोशिश कर रहा है। साथ ही यह दो अपराधियों की मानसिकता, दुख और उससे उबरने की प्रक्रिया तथा विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष करने वाले दो बच्चों की कहानी भी है।

उन्होंने कहा, “मेरे लिए राख कई स्तरों पर मानव मनोविज्ञान की कहानी है। इसमें दुख, संघर्ष, पहचान और उम्मीद जैसे भावनात्मक पहलुओं को बेहद संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया गया है।

”अली फज़ल, सोनाली बेंद्रे और आमिर बशीर अभिनीत राख का निर्देशन और एक्जीक्यूटिव प्रोडक्शन प्रोसित रॉय ने किया है। सीरीज को अनुशा नंदकुमार और संदीप साकेत ने क्रिएट, लिखा और सह-निर्देशित किया है। एंडेमोल शाइन इंडिया और BhaDiPa के सहयोग से निर्मित यह सीरीज 12 जून को Prime Video पर भारत सहित दुनिया के 240 से अधिक देशों और क्षेत्रों में रिलीज होगी।

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