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R.O. No. 13952/23

नई दिल्ली / रायपुर। छत्तीसगढ़ को स्वच्छ ऊर्जा और निवेश के उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और पहल की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एवं एक्सपो-2026 के दौरान छत्तीसगढ़ की हरित ऊर्जा क्षमता और निवेश संभावनाओं पर केंद्रित पुस्तक का विमोचन किया।

यह पुस्तक केवल राज्य की ऊर्जा नीतियों का दस्तावेज नहीं, बल्कि नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की भावी दिशा और निवेशकों के लिए उपलब्ध अवसरों को सामने रखने का प्रयास है। इसमें राज्य की रिन्यूएबल एनर्जी पॉलिसी, ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं, ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने वाली योजनाओं और स्वच्छ ऊर्जा विकास की संभावनाओं को शामिल किया गया है।

निवेशकों को छत्तीसगढ़ की ऊर्जा क्षमता से परिचित कराएगी पुस्तक

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ऊर्जा क्षेत्र में निवेश और नवाचार के नए अवसरों के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य हरित ऊर्जा को प्रोत्साहित करने के साथ छत्तीसगढ़ को स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन और निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है।

उन्होंने कहा कि पुस्तक के माध्यम से निवेशकों और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े हितधारकों को राज्य की नीतियों, उपलब्ध संसाधनों और भविष्य की संभावनाओं की जानकारी मिलेगी। इससे छत्तीसगढ़ में ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की हरित ऊर्जा पहल

भारत मंडपम में आयोजित रिन्यूएबल एनर्जी समिट एवं एक्सपो के दौरान छत्तीसगढ़ ने अपनी ऊर्जा संबंधी नीतियों और संभावनाओं को प्रदर्शित किया। राज्य का फोकस नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार, स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन और इस क्षेत्र में निवेश के नए रास्ते खोलने पर है।

इस अवसर पर क्रेडा अध्यक्ष भूपेन्द्र सवन्नी और प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल बताती है कि राज्य अब पारंपरिक ऊर्जा पहचान के साथ-साथ हरित ऊर्जा के क्षेत्र में भी अपनी मजबूत पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

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