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R.O. No. 13952/23

 

रायपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर के 17वें दीक्षांत समारोह में मंगलवार को 1,364 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। समारोह में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान विभिन्न संकायों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को 51 पदकों से सम्मानित किया गया। कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग की छात्रा आत्मिका गांगेली ने ओवरऑल टॉपर का सम्मान हासिल किया।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह में केंद्रीय मंत्री ने संस्थान में सात अत्याधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का भी शुभारंभ किया। इन केंद्रों के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्रिटिकल मिनरल्स, अंतरिक्ष अनुसंधान, एयरोस्पेस तकनीक, ग्रामीण एवं जनजातीय स्वास्थ्य तथा सतत ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में शोध और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।

विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की अहम भूमिका

दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने विद्यार्थियों से विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश ऊर्जा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि और आपूर्ति श्रृंखला जैसे क्षेत्रों में नई चुनौतियों का सामना कर रहा है। युवा इन चुनौतियों को अवसर के रूप में लें और आधुनिक तकनीक तथा अनुसंधान के जरिए देश के लिए नए समाधान विकसित करें।

उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उन्नत विनिर्माण तकनीक भविष्य की अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण आधार बनने जा रहे हैं। विद्यार्थियों को केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करना चाहिए।

सात सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से अनुसंधान को मिलेगी नई दिशा

एनआईटी रायपुर में शुरू किए गए सात सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में इंडिया एआई छत्तीसगढ़ सेंटर, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑन क्रिटिकल मिनरल्स, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन कम्प्यूटेशनल मैकेनिक्स, सेंटर ऑफ स्पेस एंड इंटरप्लेनेटरी एक्सप्लोरेशन (COSINE), ग्रामीण एवं जनजातीय स्वास्थ्य नवाचार केंद्र, एयरोस्पेस एंड ऑटोनॉमस टेक्नोलॉजीज सेंटर तथा नैनोसाइंस एंड सस्टेनेबल एनर्जी टेक्नोलॉजीज सेंटर शामिल हैं।

इन केंद्रों से विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को आधुनिक तकनीक पर काम करने के अवसर मिलेंगे। साथ ही उद्योग जगत और शैक्षणिक संस्थानों के बीच शोध आधारित सहयोग को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

1,364 विद्यार्थियों को उपाधियां, 51 पदकों से सम्मान

समारोह में स्नातक के 976, स्नातकोत्तर के 283 और पीएचडी के 105 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। मेधावी विद्यार्थियों को कुल 51 पदक दिए गए, जिनमें 25 स्वर्ण, 25 रजत और एक संस्थान स्वर्ण पदक शामिल है। बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग की छात्रा आत्मिका गांगेली को ओवरऑल टॉपर के रूप में सम्मानित किया गया।

प्लेसमेंट में भी एनआईटी रायपुर का प्रदर्शन

संस्थान के निदेशक प्रो. एन. वी. रमण राव ने वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्ष 2026 के बैच को कुल 821 प्लेसमेंट ऑफर मिले हैं। विद्यार्थियों को मिला सर्वोच्च वार्षिक पैकेज 60 लाख रुपये रहा। संस्थान के 18 संकाय सदस्यों और चार विद्यार्थियों को स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय की विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में स्थान मिला है।

समारोह में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, सीएसआईआर की महानिदेशक एवं डीएसआईआर की सचिव डॉ. एन. कलैसेल्वी, एनआईटी रायपुर के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डॉ. सुरेश हावरे सहित संस्थान के अधिकारी, प्राध्यापक, विद्यार्थी और उनके अभिभावक उपस्थित रहे।

दीक्षांत समारोह में उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को उनके नए सफर के लिए शुभकामनाएं दी गईं। सात सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की शुरुआत को संस्थान में तकनीकी अनुसंधान और नवाचार के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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