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R.O. No. 13952/23

लरायपुर। छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं का उत्सव ‘छत्तीसगढ़ राजोत्सव 2026’ अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। 3 नवंबर को नवा रायपुर स्थित राजोत्सव मैदान में तीन दिवसीय आयोजन का भव्य समापन होगा। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह समापन समारोह के मुख्य अतिथि होंगे, जबकि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। इस अवसर पर प्रदेश की विभिन्न विभूतियों को राज्य अलंकरण से सम्मानित किया जाएगा।

समापन दिवस पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी खास तैयारी की गई है। पद्मश्री सम्मानित पंडवानी गायिका उषा बारले और प्रसिद्ध बॉलीवुड पार्श्व गायक अभिजीत भट्टाचार्य की प्रस्तुतियां आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहेंगी। लोककला से लेकर बॉलीवुड संगीत तक, अंतिम शाम छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और मनोरंजन का संगम बनेगी।

राज्य अलंकरण समारोह रहेगा मुख्य आकर्षण

3 नवंबर को मुख्य मंच पर शाम 6 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के कलाकार शाम 6 से 6:30 बजे तक लोक संगीत की प्रस्तुति देंगे। इसके बाद 6:30 से 7 बजे तक पद्मश्री उषा बारले अपनी विशिष्ट पंडवानी प्रस्तुति से दर्शकों को छत्तीसगढ़ की लोक और आध्यात्मिक परंपरा से रूबरू कराएंगी।

शाम 7 बजे से रात 9 बजे तक राज्य अलंकरण सम्मान समारोह आयोजित होगा। इसमें विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं और विभूतियों को सम्मानित किया जाएगा। इसके बाद रात 9 बजे से प्रसिद्ध गायक अभिजीत भट्टाचार्य अपने लोकप्रिय गीतों से राजोत्सव की अंतिम शाम को संगीतमय बनाएंगे।

शिल्पग्राम में लोककला और जनजातीय संस्कृति की झलक

राजोत्सव के अंतिम दिन शिल्पग्राम मंच पर भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की श्रृंखला आयोजित होगी। दोपहर 3 बजे से प्रदेश के अलग-अलग जिलों के कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। यहां पंथी नृत्य, जनजातीय लोक संगीत, कथक, भजन, सूफी गायन और लोकनाट्य सहित कुल दस प्रस्तुतियां होंगी।

रायपुर की आस्था भट्ट भजनों की प्रस्तुति देंगी, वहीं दुर्ग की आरती बारले पंथी नृत्य से दर्शकों को आकर्षित करेंगी। कबीरधाम के राकेश सेन लोकनाट्य प्रस्तुत करेंगे। दिनेश कुमार जांगड़े पंथी नृत्य और पूर्णिमा साहू जसगीत एवं जागरण की प्रस्तुति देंगी।

इसके अलावा अभिषेक सोनकर जनजातीय लोक संगीत और नृत्य के माध्यम से आदिवासी संस्कृति की झलक पेश करेंगे। दीपाली पांडे समूह कथक नृत्य और अनुष्णा रॉय चौधरी कथक की प्रस्तुति देंगी। वृद्धिमान वाचस्पति भारती सूफी गायन तथा आनंदकुमार पांडे नाट्य प्रस्तुति देंगे।

स्थानीय कलाकारों को राष्ट्रीय मंच देने की पहल

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश की समृद्ध कला, संस्कृति, लोक परंपराओं और जनजातीय विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। राजोत्सव स्थानीय कलाकारों को व्यापक मंच देने और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को देशभर में पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

तीन दिनों तक चले राजोत्सव में राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों के साथ प्रदेश के लोक कलाकारों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला है। अंतिम दिन अमित शाह की मौजूदगी, राज्य अलंकरण समारोह और उषा बारले व अभिजीत भट्टाचार्य की प्रस्तुतियों के साथ यह आयोजन यादगार समापन की ओर बढ़ेगा।

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