रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 में इस बार विकास की कहानी सिर्फ मंचों और भाषणों तक सीमित नहीं है, बल्कि तस्वीरों, डिजिटल स्क्रीन और आधुनिक तकनीक के जरिए भी लोगों तक पहुंच रही है। नवा रायपुर स्थित राज्योत्सव मैदान में जनसम्पर्क विभाग की ओर से लगाई गई फोटो प्रदर्शनी पहले ही दिन लोगों के आकर्षण का केन्द्र बन गई। यहां प्रदेश के नव निर्माण के 26 वर्षों की यात्रा और विकास की दिशा में हुए बदलावों को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
‘नव निर्माण के 26 वर्ष एवं विकास पथ पर अग्रसर छत्तीसगढ़’ की थीम पर आधारित प्रदर्शनी में सुशासन, औद्योगिक निवेश, संस्कृति, पर्यटन और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। एलईडी स्क्रीन और ई-कॉर्नर के माध्यम से लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी आधुनिक तकनीक के जरिए उपलब्ध कराई जा रही है।
बस्तर में बदलाव और सुशासन की तस्वीर पर फोकस
प्रदर्शनी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा नक्सल प्रभावित बस्तर में आए बदलावों को समर्पित है। यहां दशकों तक हिंसा और बारूद के साये में रहे क्षेत्र में शांति और विकास की नई उम्मीदों को प्रदर्शित किया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रणनीति और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हुए बदलावों को एलईडी के माध्यम से दिखाया जा रहा है।
942 सरकारी सेवाएं और 50 लाख आवेदनों के निराकरण की जानकारी
सुशासन से समृद्धि और निवेश से औद्योगिक प्रगति के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां प्रदर्शित की गई हैं। इनमें सेवा सेतु के माध्यम से 942 सरकारी सेवाएं घर बैठे उपलब्ध होने, छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत 740 से अधिक सेवाओं का कानूनी अधिकार और सुशासन तिहार में 50 लाख आवेदनों के निराकरण की जानकारी शामिल है।
इसके अलावा नवा रायपुर में आकार ले रहे पहले एआई डेटा सेंटर पार्क, निर्माणाधीन दूसरे सेमीकंडक्टर यूनिट और सिंगल विंडो सिस्टम पर उपलब्ध 187 सेवाओं को भी प्रदर्शनी में स्थान दिया गया है।
रोबोट के साथ तस्वीरें खिंचवाने उमड़े बच्चे
जनसम्पर्क विभाग के स्टॉल पर चलित मनोरंजक रोबोट बच्चों और युवाओं के लिए खास आकर्षण बना हुआ है। आदिवासी संस्कृति की झलक प्रस्तुत करने वाले रोबोट के साथ बच्चे हाथ मिलाते और तस्वीरें खिंचवाते नजर आए। डिजिटल एलईडी स्क्रीन पर छत्तीसगढ़ से संबंधित सामान्य ज्ञान क्विज भी बच्चों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है।
रायपुर की रीतिका साहू अपने सात वर्षीय बेटे वीरांश के साथ प्रदर्शनी देखने पहुंचीं। उन्होंने डिजिटल एलईडी और सामान्य ज्ञान क्विज को बच्चों के लिए उपयोगी बताया। उनके अनुसार इस तरह की गतिविधियों से बच्चे प्रदेश की संस्कृति, सभ्यता और विशेषताओं को रोचक तरीके से समझ सकते हैं।
रायपुर के सुलभ सौरभ, अनिल रामटेके और ग्राम परसदा (राजिम) के टिकेश्वर निषाद ने भी प्रदर्शनी का अवलोकन किया और आधुनिक तकनीक से योजनाओं की जानकारी देने की पहल की सराहना की।
पर्यटन और संस्कृति की विरासत भी प्रदर्शित
प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन स्थलों को भी प्रमुखता दी गई है। 600 साल पुराने 75 दिनों तक चलने वाले बस्तर दशहरा, दंतेवाड़ा के मां दंतेश्वरी मंदिर, धान की 23 हजार से अधिक किस्मों, चित्रकोट जलप्रपात और प्रदेश के 44 प्रतिशत वनक्षेत्र जैसी विशेषताओं को प्रदर्शित किया गया है।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ जनमन किताब और शासन की योजनाओं एवं उपलब्धियों पर आधारित ब्रोशर का निःशुल्क वितरण भी किया जा रहा है। राज्योत्सव में जनसम्पर्क विभाग की यह पहल लोगों को प्रदेश की विकास यात्रा, सरकारी योजनाओं और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का एक प्रभावी माध्यम बन रही है।
