साक्षी समिति ने कौशिल्या को किया सम्मानित

कोरबा 08 मार्च। साक्षी सेवा समिति ने एक कार्यक्रम आयोजित कर कई लोगों को सम्मानित किया। श्रीमती कौशिल्या खुराना को इस कडी में साहित्य श्री सम्मान दिया गया।

कुदमुरा हायर सेकंडरी स्कूल में परीक्षा सेंटर रहता था। श्यांग के बच्चे परीक्षा देने वहां जाते थे। पूरी परीक्षा के दौरान मेरी ड्यूटी लगाई जाती थी। बच्चों के साथ वहीं उनके रूम में रहतीं थी। मैंने छात्र जीवन से ही सांस्कृतिक कार्यक्रम में अपनी प्रस्तुति देती रही हैं। श्यांग जैसे बिहड़ क्षेत्र में इन्होंने बच्चों को गीत, नृत्य सिखाया और वार्षिकोत्सव करवाने में बच्चों की सहायता की।
8 वर्ष की सेवा उपरांत प्रमोशन से शिक्षा कर्मी ग्रेड-1 में प्रमोशन पाकर अरदा हायर सेकंडरी स्कूल में पदस्थ हुईं। यहां के नये वातावरण में भी अध्यापन कराती रहीं। सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रभारी बनने पर बच्चों को गीत, नृत्य, नाटक आदि सिखाया।

यहीं से कलम से लेखनी प्रारंभ हुआ। प्रत्येक कार्यक्रम के लिए गीत, कविता लिखकर प्रस्तुत करती रही है। शत प्रतिशतपरीक्षा परिणाम के लिए लगातार इनको जिला शिक्षा अधिकारी के हाथों सम्मानित हो चुकी हैं।भोपाल में कल्पना चावला स्मृति में नारी रत्न शिक्षक सम्मान 2021 प्राप्त हो चुका है। दिल्ली में यूथ वर्ल्ड संस्था से भारतीय गौरव अवार्ड 2021 प्राप्त हो चुका है।वक्ता मंच से श्रेष्ठ कलमकार सम्मान से सम्मानित हो चुकी है। इनकी साझा संकलन पुस्तकें निम्नानुसार है खूबसूरत लम्हें, सोनहा विहान (भाग 1, 2), अजर अमर सतनाम, सतनाम हमर पहिचान, इक्कीसवीं सदी के कलमकार, अग्निपथ के राही, मेरी कलम से, सरगम के मेले, अमृत उत्सव, पंखुडियां, एक मुस्कान, अहसास, मॉं, माटी मोर मितान, साहित्य डायरी, यादों की शमा, कलम की अभिलाषा, मोर छत्तीसगढ़ महतारी, एक पैगाम तेरे नाम, इन्द्रधनुष, अक्षरांजलि, सृजन आदि हैं।

अरदा स्कूल में 9 वीं से 12 वीं के बच्चों को लगनशीलता से पढ़ाना, कक्षा कार्य एवं गृह कार्य की जांच करना, साप्ताहिक, पाक्षिक, मासिक मूल्यांकन लेना एवं जांचना, तिमाही, छमाही, वार्षिक परीक्षा लेना एवं जांचना। बच्चों के साथ वात्सल्यमय वातावरण निर्मित करते हुए अध्यापन कार्य कराना। अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए गाइडलाइन देना। प्रहलाद भगत ने 100 में 97 अंक प्राप्त किया है। खेलकूद प्रतियोगिता के लिए बच्चों को कटघोरा एवं कोरबा कोच बनकर ले जा चुकी हैं। विकासखंड स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए बच्चों को गीत, कविता, नृत्य सिखाया और लेकर गईं। वहां पर सामूहिक गीत, एकल नृत्य, कविता, आर्ट एंड क्राफ्ट, सामूहिक नृत्य में प्रथम स्थान प्राप्त किए। स्कूल के प्रत्येक कार्यक्रम में इनका महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।

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