CG Politics : अविश्वास की बहस में सरकार का पलटवार, मुख्यमंत्री साय बोले- जनता के भरोसे पर चल रही सरकार को विपक्ष नहीं डिगा सकता

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का अंतिम दिन राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच समाप्त हुआ। कांग्रेस द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर करीब 15 घंटे तक चली मैराथन बहस के बाद सदन ने ध्वनिमत से प्रस्ताव को खारिज कर दिया। हालांकि बहस के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जवाब सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। उन्होंने विपक्ष के आरोपों का एक-एक कर जवाब देते हुए सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और कहा कि प्रदेश की जनता का भरोसा भाजपा सरकार के साथ मजबूती से खड़ा है।

जनादेश को बताया सरकार की सबसे बड़ी ताकत

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की असली ताकत सदन की संख्या नहीं, बल्कि जनता का विश्वास होता है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनाव और नगरीय निकाय चुनावों में जनता ने लगातार भाजपा के पक्ष में फैसला दिया है। ऐसे में विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव जनता के जनादेश को नकारने जैसा है।

सरकार का रिपोर्ट कार्ड रखा सामने

साय ने अपने जवाब में किसानों, महिलाओं, युवाओं और गरीबों के लिए लागू योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास, किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, नए मेडिकल कॉलेज, औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन जैसे फैसले सरकार की प्राथमिकता रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने चुनावी वादों को अमल में लाने की दिशा में लगातार काम किया है।

कांग्रेस के शासनकाल पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय कई गंभीर अनियमितताओं और चर्चित मामलों ने प्रदेश की छवि को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ प्रशासन चला रही है तथा कानून के दायरे में कार्रवाई की जा रही है।

भविष्य को लेकर जताया भरोसा

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार के कामकाज के आधार पर आगामी विधानसभा चुनाव में भी जनता भाजपा को मजबूत जनादेश देगी।

ध्वनिमत से गिरा अविश्वास प्रस्ताव

लंबी बहस के दौरान विपक्ष ने कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक फैसलों और विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर सरकार को घेरा। सत्ता पक्ष ने सभी आरोपों का जवाब देते हुए सरकार की उपलब्धियों और विपक्ष के पिछले कार्यकाल के मुद्दे उठाए। देर रात विधानसभा अध्यक्ष ने ध्वनिमत से अविश्वास प्रस्ताव को खारिज घोषित कर दिया।

सियासी संदेश

मानसून सत्र का अंतिम दिन केवल अविश्वास प्रस्ताव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सत्ता और विपक्ष के बीच आगामी चुनावी रणनीति का भी संकेत बन गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन के जरिए सरकार के कामकाज का बचाव करने के साथ-साथ राजनीतिक आत्मविश्वास का भी स्पष्ट संदेश दिया।

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