जब मुख्यमंत्री ने थामी रथ की रस्सी… दोकड़ा में आस्था के महासागर में उमड़ा जनसैलाब, गजपति महाराजा की परंपरा निभाकर सीएम विष्णुदेव साय ने किया ‘छेरा पहरा’, हजारों श्रद्धालुओं संग भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा में हुए शामिल।


जशपुर। जशपुर जिले का छोटा-सा गांव दोकड़ा गुरुवार को आस्था और लोकसंस्कृति का केंद्र बन गया। ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ रथयात्रा में हजारों श्रद्धालुओं के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पारंपरिक गजपति महाराजा की भूमिका निभाते हुए भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने रथ की रस्सी थामकर यात्रा का शुभारंभ किया, जहां पूरा वातावरण ‘जय जगन्नाथ’ के उद्घोष से गूंज उठा।

मुख्यमंत्री ने अपनी धर्मपत्नी कौशल्या साय के साथ भगवान के रथ के आगे सोने की झाड़ू से ‘छेरा पहरा’ की परंपरा निभाई। चंदन मिश्रित जल का छिड़काव कर उन्होंने सेवा, विनम्रता और समानता का संदेश दिया। सनातन परंपरा में यह रस्म इस बात का प्रतीक मानी जाती है कि ईश्वर के समक्ष सभी समान हैं।

80 साल पुरानी परंपरा, आज भी बरकरार

दोकड़ा की रथयात्रा का इतिहास वर्ष 1942 से जुड़ा है। दशकों से यह आयोजन क्षेत्र की धार्मिक आस्था और लोकसंस्कृति का प्रमुख केंद्र रहा है। मंदिर के जीर्णोद्धार और प्राण-प्रतिष्ठा के बाद यह दूसरी रथयात्रा थी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

मुख्यमंत्री ने जोड़ा छत्तीसगढ़ और पुरी का सांस्कृतिक रिश्ता

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि भगवान जगन्नाथ के साथ छत्तीसगढ़ का रिश्ता केवल आस्था का नहीं, बल्कि इतिहास और संस्कृति का भी है। उन्होंने उल्लेख किया कि देवभोग का चावल आज भी पुरी के श्रीमंदिर के महाप्रसाद में उपयोग किया जाता है, जो दोनों क्षेत्रों के बीच सदियों पुराने संबंधों का प्रमाण है।

प्रदेश की खुशहाली के लिए की प्रार्थना

मुख्यमंत्री ने भगवान श्री जगन्नाथ से प्रदेश में अच्छी वर्षा, समृद्ध खेती, किसानों की खुशहाली और सभी नागरिकों के सुख-समृद्ध जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज को जोड़ने के साथ हमारी सांस्कृतिक विरासत को भी मजबूत करते हैं।

भक्ति के रंग में डूबा पूरा दोकड़ा

रथयात्रा के दौरान ओडिशा की कीर्तन मंडलियों ने भजन और हरिनाम संकीर्तन प्रस्तुत किए। ढोल, मृदंग, झांझ और शंखध्वनि के बीच महिलाएं, युवा, बुजुर्ग और बच्चे बड़ी संख्या में रथ के साथ चलते रहे। पूरा दोकड़ा गांव श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के अद्भुत वातावरण में डूबा नजर आया।

इस अवसर पर पद्मश्री जागेश्वर यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक कुमार झा, आयोजन समिति के सदस्य तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।


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