भारी वाहन की चपेट में आकर आठ मवेशियों की मौत

कोरबा 14 अगस्त। पाली विकासखंड के ग्राम कपोट के निकट नेशनल हाइवे में भारी वाहनों की चपेट में आकर आठ मवेशियों की मौत हो गई। खेती किसानी शुरू होने के बाद सड़कों में घुमंतू मवेशियों का जमावड़ा बढऩे लगा है। सुरक्षा को लेकर गोठान से जुड़े अधिकारी मवेशियों के नजरअंदाज किए जाने की वजह मवेशी सड़क में भारी वाहन के चक्के नीचे रौंदे जा रहे हैं।

सरकार के महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन गोठान की मुख्य भूमिका है। मवेशियों की सुरक्षा गोठान के अस्तित्व में बाद भी मवेशी असुरक्षित हैं। पाली विकासखंड के ग्राम कपोट के निकट हुई घटना में प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोल दी है। गोठान का निर्माण तो कर लिया गया है, लेकिन यहां चरवाहों की नियुक्ति नहीं की गई। जिस जगह में मवेशी की मौत हुई है उसके आसपास चार गांवों में गोठान संचालित है। बीते वर्ष भी पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड में सड़क दुर्घटना में मवेशियों की मौत हुई थी। तात्कालिक समय में मवेशियों की सुरक्षा के लिए नेशनल हाइवे से लगे गांवों में चरवाहे की नियुक्ति सुनिश्चित करने की बात कही गई थी, ताकि सड़क में बैठे मवेशियों को हांका जा सके।
नियम में समय रहते अमल नहीं किए जाने की वजह से दुर्घटना की पुनरावृत्ति हो रही है। इस संबंध में पूछे जाने पर पाली जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी भूपेंद्र सोनवानी ने कहा कि सड़क दुर्घटना में आठ मवेशियों की मौत हुई। सभी मवेशियों का अंतिम संस्कार किया गया। सड़क दुर्घटना में मवेशियों की हो रही मौत को रोकने के लिए गांवों लगातार मुनादी कराई जा रही है। मवेशी पालकों को जागरूक किया जा रहा है।

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