भारत और अमेरिका के बीच में रक्षा और सुरक्षा की साझेदारी काफी मजबूत है: जायसवाल

नई दिल्ली: विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिका सहित कई मुद्दों पर बात की. ईरान के साथ व्यापार करने वाली भारतीय कंपनियों पर अमेरिका द्वारा प्रतिबंध लगाने की घोषणा पर, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “हमने प्रतिबंधों पर ध्यान दिया है और हम इस पर विचार कर रहे हैं.” रणधीर जायसवाल ने कहा, “टैरिफ का जहां तक मामला है, इस पर सरकार की तरफ से एक बयान जारी किया गया है. जहां तक व्हाइट हाउस के वक्तव्य का सवाल है, इसको व्हाइट हाउस से पूछा जाए, तो ज्यादा बेहतर होगा.”

इसके साथ विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि भारत और अमेरिका के बीच में रक्षा और सुरक्षा की साझेदारी काफी मजबूत है, हाल के दिनों इसमें और भी मजबूती आई है. हम लोगों ने इक्कीसवीं शताब्दी के लिए इंडिया-यूएस कॉम्पैक्ट साझेदारी बनाई है. MEA प्रवक्ता ने कहा, “इस साझेदारी ने कई बदलावों और चुनौतियों का सामना किया है. हम उस ठोस एजेंडे पर केंद्रित हैं जिसके लिए हमारे दोनों देश प्रतिबद्ध हैं और हमें विश्वास है कि यह संबंध आगे भी जारी रहेगा.”

उन्होंने आगे कहा कि भारत-अमेरिका साझेदारी के सवाल पर उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच साझा इंट्रेस्ट, लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित है. ये साझेदारी कई बदलाव और चुनौतियों का सामना कर चुकी है. हमारी कोशिश है कि हम अपने एजेंडे पर केंद्रित रहें. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस बयान पर कि भारत एक दिन पाकिस्तान से तेल खरीद सकता है, उन्होंने कहा, “इस मामले में मुझे कोई टिप्पणी नहीं करनी है.” क्या भारत की तेल कंपनियों ने रूस से तेल खरीदना शुरू कर दिया है? विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस सवाल पर जवाब देने से मना कर दिया. उन्होंने कहा कि मैं इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोलना चाहूंगा.

निमिषा प्रिया से जुड़े सवाल पर रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह एक संवेदनशील मामला है. भारत सरकार इस मामले पर पूरी मदद भेजने की कोशिश कर रही है. हमारी कोशिश की वजह से मौत की सजा को अभी के लिए रोक दिया गया है. हम मामले पर नजर रखे हुए हैं. यह एक जटिल मामला है, इसलिए हम गुजारिश करते हैं कि इस मामले पर गलत खबरों से बचने की कोशिश की जाय. हमारी अपडेट का इंतजार करें.

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