प्रोजेक्ट डिजीकोल से होगी खदानों की निगरानी

कोरबा 1 अप्रैल। कोल इंडिया द्वारा अत्याधुनिक सुविधाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी कड़ी में प्रोजेक्ट डिजी कोल भी शुरू किया गया है। जिसका फायदा खान गतिविधियां विधियों के साथ ही अन्य कार्यों में मिलेगा।कोल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष प्रमोद अग्रवाल ने सीआईएल मुख्यालय में परियोजनाओं की निगरानी और सहायता के लिए प्रोजेक्ट डिजीकोल और डिजिटल वार.रूम का शुभारंभ किया।

यह परियोजना उन्नत डिजिटल समाधानों का उपयोग करके सीआईएल के खनन कार्यों को भविष्य के लिए तैयार करने में मदद करेगी। लॉन्च के साथ, परियोजना सीआईएल की। कोयला खदानों में लाइव हो गई, जिसमें एसईसीएल में गेवरा, दीपका और कुसमुंडा खदानें और एनसीएल में निगाही, जयंत, दुधीचुआ और खडिय़ा खदानें शामिल हैं। सीआईएल ने एसेंचर को डिजाइन और कार्यान्वित करने के लिए सलाहकार के रूप में अनुबंधित किया है। आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चेयरमैन अग्रवाल ने वित्त वर्ष 2022- 23 के लिए निर्धारित 700 मिलियन टन के कोयला उत्पादन लक्ष्य को पार करने के लिए बधाई दी। सीआईएल में डिजिटलीकरण के एक महत्वपूर्ण मील के पत्थर प्रोजेक्ट डिजीकोल के लॉन्च का हवाला देते हुएए श्री अग्रवाल ने कहा कि यह परियोजना प्रक्रियाओं को कुशल बनाने में मदद करेगी। डॉ बी वीरा रेड्डी, निदेशक तकनीकी सीआईएल ने अपने संबोधन में कहा कि यह गर्व की बात है कि सीआईएल भविष्य के लिए अत्याधुनिक डिजिटल प्रौद्योगिकियों के साथ मॉडल खानों की स्थापना कर रही है ताकि विकास को बढ़ावा देने और दक्षता में सुधार करने में मदद मिल सके।

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