खरना प्रसाद ग्रहण कर श्रद्धालु रखेंग उपवास

कोरबा 18 नवंबर। चार दिन तक चलने वाला पर्व छठ पूजा शुक्रवार को नहाय खाय के साथ शुरू हुई । पर्व की शुरूवात में पवित्र जल में स्नान कर भोजन के लिए बनाया गया । प्रत्येक व्रती महिलाओं की रसोई लौकी व चना दाल की सब्जी से सुवासित रही। शनिवार को व्रती श्रद्धालु पूरे दिन उपवास रखकर शाम को खरना प्रसाद ग्रहण कर उपवास रखेंगे। रविवार को अस्ताचल सूर्य को पहला व सोमवार को उदयमान सूर्य को दूसरा अर्घ्य दिया जाएगा। पूर्वांचल वासियों द्वारा मनाया जाने वाला इस पर्व में सूर्य भगवान को अर्घ्यदेकर सुख समृद्धि का आशीर्वाद लिया जाएगा। पर्व की शुरूवात को लेकर व्रती श्रद्धालुओं में उत्साह देखा जा रहा है।

काली पूजा के छठवें दिन छठ पूजा का विधान है। लिहाजा रविवार को छठ होने के कारण सूर्य को पहला अर्घ्य दिया जाएगा। शुक्रवार को नहाय खाय से यह पर्व शुरू हो चुका है। इस आयोजन में श्रद्धालुओं ने सरोवर में स्नान कर सादा भोजन ग्रहण किया गया। विशेष तौर पर भोजन में अरवा चावल के साथ लौकी व चना की सब्जी बनाई गई थी। शनिवार को खरना प्रसाद के साथ पारणा किया जाएगा। यह पर्व का वह पड़ाव है जिसमें व्रती श्रद्धालु पूरे दिन उपवास रख कर शाम को गुड़ से बनी खीर व खरना प्रसाद ठेकुआ बनाती हैं। शाम के लिए प्रसाद बनाने के लिए तैयारियां शुरू हो गई है। खरना प्रसाद का वितरण करने के पश्चात व्रती महिलाएं स्वयं प्रसाद ग्रहण करती हैं। इसके पश्चात रविवार की सुबह से उपवास रखकर महिलाएं शाम के समय डूबते सूर्य को अर्घ्य देंगे। इसके पश्चात उपवास जारी रखते हुए अगली सुबह यानि सोमवार को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के पश्चात व्रत तोड़ेंगे। छठघाट में अर्घ्य देने उमड़ने वाली भीड़ के मद्देनजर साफ सफाई लगभग पूर्ण कर ली गई है। शहर के विभिन्न छठ घाटों में सफाई का काम पूरा किया जा चुका है।

अर्घ्य देने के लिए सर्वमंगलाघाट, अयप्पा मंदिर परिसर, मानिकपुर पोखरी, मुड़ादाई तालाब, तुलसी नगर नहरघाट, मानिकपुर पोखरी हसदेव दर्री बांध सहित विभिन्न स्थानों में श्रद्धालुओं की भीड़ रहेगी। बाजार में पूजा सामानों की आवक होने लगी है। व्रती श्रद्धालु सामनों की खरीदी के लिए बाजार में पहुंच रहे है। पर्व के लिए अभी तक गन्ने की आवक बाजार में नहीं हो सकी है। कयास लगाया जा रहा है कि सोमवार से बाजार में गन्ने की बिक्री शुरू हो जाएगी

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