चैत्र नवरात्र पर्व 30 मार्च से प्रारंभ, देवी मंदिरों तैयारी शुरू

कोरबा 21 मार्च। चौत्र प्रतिपदा से नवरात्रि पर्व प्रारंभ होगा। शक्ति की अधिष्ठात्री देवी माँ दुर्गा की उपासना पर्व में की जाएगी। नवरात्र को लेकर नगर और जिले के देवी मंदिरों में प्राथमिक रूप से तैयारी शुरू कर दी गई है।

मूल रूप से शक्ति संचय और सिद्धि प्राप्ति के लिए नवरात्र अनुष्ठान करने की परंपरा है। आदिकाल से इस प्रकार के विधान प्रचलित है जो हिंदू समाज को दिशा देने का काम करते हैं। 30 मार्च को चौत्र शुक्ल प्रतिपदा के साथ नवरात्र की शुरुआत हो रही है। हिंदू पंचांग के अनुसार 9 दिन तक यह पर्व मनाया जाएगा। इसमें शास्त्रोक्त विधि से देवी की पूजा अर्चना के साथ-साथ उन्हें प्रतिदिन अलग-अलग स्वरूप में पूजित किया जाएगा। श्रृंगार और नेवैद्य को लेकर भी कुछ ऐसे ही विधान सुनिश्चित है। पर्व में ऐसे विधान की पूर्ति निश्चित रूप से करनी होती है।

भागवताचार्य पंडित दशरथ नंदन द्विवेदी ने बताया कि सज्जन शक्ति की रक्षा और दुर्जनों का विनाश करने के लिए देवी दुर्गा का अवतार हुआ था। देवताओं ने उन्हें कई प्रकार के अस्त्र-शास्त देकर संपन्न किया था और इसके माध्यम से समाज और धर्म के हित में बेहतर काम किए जा सके थे। इस दृष्टि से वर्तमान में भी शक्ति संचय के नवरात्र पर्व का अपना विशेष महत्व बना हुआ है। नवरात्र के लिए कोरबा शहर और उप नगरीय क्षेत्र के अलावा आंचल में स्थित देवी मंदिरों की रंगाई पुताई से लेकर सजावट का कार्य शुरू कर दिया गया है। इन स्थानों पर बड़ी संख्या में ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किये जायेंगे।

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