कांपते पैरों और कांपती जुबान से भारत को धमकी, पाक राष्ट्रपति जरदारी की उड़ रही खिल्ली…!

नईदिल्ली – इस्लामाबाद। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने दो दिन पूर्व एक कार्यक्रम में भारत को कश्मीर पर धमकी दी थी, जिसकी सोशल मीडिया पर खिल्ली उड़ रही है। दरअसल, धमकी देते समय जरदारी की जुबान और पैर दोनों कांप रहे थे।

आपको बता दें कि कंगाली व अराजकता से जूझ रहे पाकिस्तान की समस्याएं बढ़ती जा रही है। एक ओर, भारत पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (पीओके) लौटाने का दबाव बना रहा है तो दूसरी ओर पीओके के लोगों में भी पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा भड़क रहा है।

रिपोर्टों के अनुसार, पीओके में लोगों ने मांगें मनवाने के लिए जबरदस्त प्रदर्शन शुरू किए हैं। पीओके में सक्रिय जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी के नेता राजा गुलाम मुज्तबा ने रावलकोट में एक सभा में कहा कि दमनकारी कदम उठाए गए, तो बलूचिस्तान की तरह यहां लाशें नहीं मिलेंगी, बल्कि वे मंगला डैम में बहती नजर आएंगी। महंगाई, सुविधाओं के अभाव और पिछड़ेपन से परेशान पीओके में आए दिन पाकिस्तानी सेना की दमनकारी कार्रवाई नाराजगी की बड़ी वजह है। प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि विस्थापितों को उचित पुनर्वास पैकेज मिले और उनके लिए 12 विधानसभा सीटें आरक्षित की जाएं।

भीतर असंतोष, बाहर बेसहारा

कूटनीतिक मामलों के जानकारों का मानना है कि पाकिस्तान जहां भीतरी असंतोष व हिंसा से जूझ रहा है वहीं दुनिया में नई भू-राजनीतिक स्थितियों में भारत के बढ़ते प्रभाव के कारण बेसहारा’ हो गया है। चीन की मामूली मदद के अलावा उसे कहीं से समर्थन नहीं मिल रहा। बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा से लेकर सिंध में बगावती तेवरों का सामना करना पड़ रहा है। उसको जम्मू-कश्मीर के मुद्दे को वैश्विक मंच पर उठाने पर समर्थन की बजाय फटकार ही मिली है।

राजनाथ कह चुके, पीओके खुद आकर मिलेगा…

सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की ओर से कई बार दिए गए बयान ने भी पीओके को लेकर पाकिस्तान की चिंता बढ़ाई है। राजनाथ कह चुके हैं कि चुराए गए कश्मीर के हिस्से (पीओके) को वापस लाने के लिए भारत को पाकिस्तान से युद्ध लड़ने की जरूरत नहीं, बल्कि वहां के लोग खुद आकर भारत में शामिल हो जाएंगे।

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