कांग्रेस नेता अशोक के कार्यकाल में साढ़े तीन करोड़ का हो गया बैंक में घपला, एफआईआर कराने के आदेश के बाद मामले को दबाने और लीपापोती करने में लगा हुआ बैंक अध्यक्ष अग्रवाल

बिलासपुर। बिलासपुर नागरिक सहकारी बैंक के अध्यक्ष व कांगे्रस नेता अशोक अग्रवाल के कार्यकाल में बैंक में साढ़े तीन करोड़ रुपए का घोटाला हो गया है। भारतीय रिजर्व बैंक के अधिकारियों ने बैंक की जांच में इस घपले को पकड़ा। इस मामले पर एफआईआई दर्ज कराने के आदेश दिए गए । लेकिन बैंक के अध्यक्ष अब इस मामले को लीपापोती करके दबाने का प्रयास में जुटे है। कांग्रेसी नेता अशोक अग्रवाल बिलासपुर नागरिक सहकारी बैंक के पिछले चौबीस साल से अध्यक्ष हंै। उनके कार्यकाल में करोड़ों के घपले हो गए । लेकिन बैंक के अध्यक्ष व कांगे्रस नेता अशोक अग्रवाल घपले को दबाने में लगे हुए है। हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक के अधिकारियों की टीम बैंक की वित्तीय हालात का जांच करने पहुंची थी। इस जांच में बैंक की माली हालत ठीक नहीं पाई गई।
बैंक की पूंजी को शराब के ठेके में लगाया ?
प्रदेश में जब शराब दुकानों का ठेका हुआ करता था। तब कांगे्रस नेता ने बैंक की करोड़ों रुपए की पूंजी को शराब ठेका में लेने के लिए उपयोग करता रहा, ऐसा बैंकिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों में चर्चाएं रहीं। बैंक की जमा पूंजी को शराब ठेका लेने में अशोक अग्रवाल की भूमिका संदेहास्पद रहीं थी। बैंक की हालत भी ऐसा ही इशारा करती है।
बैंक की निजी जागीर बनीं बैंक ?
बिलासपुर नागरिक सहकारी बैंक में कांगे्रस नेता अशोक अग्रवाल जब से विराजमान हैं, तब से यह बैंक कांगे्रस नेता अशोक अग्रवाल की अघोषित तौर पर निजी जागीर बन गई है। आरबीआई के सारे-नियम कायदे दरकिनार कर दिए गए हंै। बैंक अध्यक्ष अपनी मनमर्जी से जो कर्मचारी उसकी पंसदीदा का हुआ उसे मैनेजर का प्रभार देकर दबाव पूर्वक काम कराया जा रहा है। बैंक में बैंकिंग कार्य से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों की पदस्थापना करने के लिए आदेश दिए । लेकिन आरबीआई के एक भी आदेश को बैंक अध्यक्ष ने जानबूझकर पूरा होने नहींं दिया।
3.50 करोड़ रुपए का कोई हिसाब नहीं
बैंक में खातेदारों के लगभग 3 करोड़ 50 लाख का कोई हिसाब बैंक अध्यक्ष व उसके मातहत कर्मचारी नहीं बता पाए। आरबीआई अफसरों ने इसे अपराध की श्रेणी का कृत्य पाया। उन्होंने इस घपले पर तत्काल एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
गड़बड़ी पर गड़बड़ी फिर भी क्यों नहीं कराई एफआईआर
बिलासपुर नागरिक सहकारी बैंक में खातेदारों के साढ़े तीन करोड़ रुपए का घोटाला हो गया और बैंक के अध्यक्ष की चुप्पी अनेक संदेहों को जन्म दे रहीं है। आरबीआई के अफसरों के आदेश का अब तक पालन नहीं किया गया। इससे बैंक अध्यक्ष की संलिप्पतता होने की चर्चाएं बाजार में सरगर्म है। इसीलिए आरबीआई के आदेश को अब तक दरकिनार करके एफआईआर दर्ज नहीं करायी गयी है।

000 पत्रिका से सभार।

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