पहली कैबिनेट में 18 लाख से अधिक आवास का लिया था संकल्प, 2011 और 2018 की पात्रता सूची के सभी पात्र आवास स्वीकृत
रायपुर, 23 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ में गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्की छत देने की योजना को लेकर राज्य सरकार ने बड़ी उपलब्धि का दावा किया है। उपमुख्यमंत्री एवं पंचायती राज व ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि नई सरकार के गठन के बाद अब तक 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के मकान पूर्ण किए जा चुके हैं।
सरकार का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रत्येक गरीब परिवार को पक्का मकान उपलब्ध कराने के संकल्प को जमीन पर उतारने के लिए आवास निर्माण को प्राथमिकता दी गई है। हालांकि, इन पूर्ण आवासों में पूर्ववर्ती वित्तीय वर्षों में स्वीकृत और लंबे समय से लंबित मकान भी शामिल हैं, जिन्हें वर्तमान सरकार के कार्यकाल में पूरा कराया गया है।
पहली कैबिनेट में 18 लाख से ज्यादा आवास का संकल्प
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के मुताबिक, नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में ही प्रदेश के पात्र परिवारों के लिए 18 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत करने और निर्माण पूरा कराने का संकल्प लिया गया था। इसके बाद पुराने और नए वित्तीय वर्षों के स्वीकृत आवासों के लिए आवश्यक राशि उपलब्ध कराकर निर्माण कार्य में तेजी लाई गई।

पिछले वित्तीय वर्ष में 5.92 लाख से ज्यादा मकान पूरे
सरकार के अनुसार, पिछले वित्तीय वर्ष में छत्तीसगढ़ में 5 लाख 92 हजार से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण किए गए। उपमुख्यमंत्री ने इसे देश में सर्वाधिक आवास पूर्ण होने की उपलब्धि बताया। विभाग द्वारा निर्माणाधीन मकानों की लगातार मॉनिटरिंग किए जाने की बात भी कही गई है।
20.40 लाख मकानों का निर्माण पूर्ण
वर्ष 2011 और 2018 की पात्रता सूची में पात्र पाए गए सभी आवासों को स्वीकृति दिए जाने का दावा सरकार ने किया है। कुल स्वीकृत आवासों में से अब तक 20 लाख 40 हजार मकानों का निर्माण पूरा हो चुका है। वहीं करीब 4 लाख मकान अभी निर्माणाधीन हैं।
सरकार का जोर अब निर्माणाधीन मकानों को जल्द पूरा कराने पर है, ताकि पात्र हितग्राहियों को स्वीकृति के बाद लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े।
पुराने लंबित मकानों को भी कराया गया पूरा
उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार के कार्यकाल में पूर्ण हुए 11 लाख से अधिक आवासों में केवल नए स्वीकृत मकान ही शामिल नहीं हैं। पिछले वित्तीय वर्षों में स्वीकृत लेकिन विभिन्न कारणों से लंबित मकानों को भी आवश्यक राशि उपलब्ध कराकर पूरा कराया गया है।

यानी पिछले ढाई वर्षों में पुराने लंबित और नए स्वीकृत आवासों को मिलाकर 11 लाख से अधिक मकान पूर्ण किए जाने की बात सरकार की ओर से कही गई है।
मुख्यमंत्री आवास योजना और जनमन के मकान भी शामिल
वर्तमान सरकार के कार्यकाल में पूर्ण किए गए आवासों में अन्य योजनाओं के मकान भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत 48 हजार आवासों में से करीब 20 हजार मकान पूरे होने की जानकारी दी गई है। वहीं प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत लगभग 23 हजार आवास भी इसमें शामिल हैं। इसके अलावा विशेष परियोजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत आवास भी इस उपलब्धि का हिस्सा हैं।
सरकार का दावा : कोई पात्र परिवार पक्के मकान से वंचित न रहे
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता केवल आवास स्वीकृत करना नहीं, बल्कि पात्र परिवारों को जल्द से जल्द उनके पक्के मकान का लाभ दिलाना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में करीब 4 लाख आवास निर्माणाधीन हैं और इन्हें भी शीघ्र पूरा कराने के लिए विभाग लगातार काम कर रहा है।
सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी पात्र गरीब परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे। अब देखना होगा कि निर्माणाधीन करीब 4 लाख आवासों को पूरा कराने की रफ्तार आने वाले महीनों में कितनी तेज रहती है और हितग्राहियों को इसका लाभ कब तक मिल पाता है।

