कनकी में उत्पाती बंदर से प्रवासी पक्षियों को खतरा

कोरबा 25 जुलाई। जिले के कनकेश्वर धाम कनकी में एक उत्पाती बंदर पहुंच गया है, जिससे श्रद्धालुओं के साथ-साथ प्रवासी पक्षियों एशियन ओपन बिल स्टार को खतरा बना हुआ है। उत्पाती बंदर अपने उत्पात से मंदिर पहुंचने वाले भक्तों को परेशान कर रहा है। साथ ही प्रवासी पक्षियों के अंडों को भी घोषले से गिरा नष्ट कर दे रहा है। पक्षियों को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहा है। इसकी जानकारी मिलने पर वन विभाग का अमला मौके पर पहुंचकर इस उत्पाती बंदर को रेस्क्यु करने के प्रयास में जुट गया है। इस प्रयास में अमला पिछले दो दिनों से यहां लगा हुआ है। लेकिन बंदर अमले की जाल में नहीं फंस रहा है। लगातार चकमा देते हुए कुद कर एक पेड़ से दूसरे पेड़ पहुंच जा रहा है।

ज्ञात रहे दक्षिण भारत तथा श्रीलंका सहित अन्य देशों से प्रतिवर्ष पवासी पक्षियों का दल जून के मध्य में मानसून शुरू होने से पहले यहां पहुंचता है और चौमासा बीताने के बाद अक्टूबर-नवंबर माह में वापस लौट जाते हैं। ग्रामीण इसे देवदूत मानते हैं और उनकी सेवा करते है। वन विभाग भी प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा के लिए कई कदम उठाता है। जिसमें पक्षियों के प्रजनन काल में बच्चे पैदा होने पर उसकी सुरक्षा के लिए पेड़ों के नीचे जाल भी लगाता है। इन दिनों हजारों की संख्या में प्रवासी पक्षी पहुंचे हैं तथा उनका प्रजनन काल भी शुरू हो गया है। यहां पेड़ों पर घोषला बनाकर पक्षी अंडे दे रहे हैं। इन अंडों को यहां पहुंचे एक उत्पाती बंदर से खतरा पैदा हो गया है। उत्पाती बंदर पक्षियों के घोषला को गिराने के साथ ही अंडों को भी नष्ट करना शुरू कर दिया है। जब इसकी जानकारी वन विभाग को मिली तो वन विभाग ने उत्पाती बंदर को रेस्क्यु करने का फैसला लेते हुए अपने अमले को कनकी भेजा है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर कनकी पहुंचे वन अमला पिछले दो दिनों से उत्पाती बंदर को पकडऩे की कोशिश कर रहा है लेकिन इसमें सफलता नहीं मिल पा रही है।

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