आंगनबाड़ी केद्रों में रेडी टू ईट पोषण आहार का वितरण व्यवस्था नहीं

कोरबा 18 अप्रैल। आंगनबाड़ी केद्रों में प्रति माह हितग्राही बच्चों को 750 ग्राम रेडी टू ईट पोषण आहार वितरण करने का प्राविधान है, लेकिन पिछले 16 दिन से जिले 2245 केंद्रों में वितरण नहीं हो रहा है। इसके पीछे वजह यह है कि पहले सप्लाई का कार्य स्व.सहायता समूह से होता था लेकिन नए वित्तीय वर्ष से सरकार ने इसे बीज विकास निगम को सौंप दिया है। इस निर्णय के अनुसार बीज निगम रेडी टू ईट तैयार करेगा और महिला समूहा उसे बांटने का काम करेंगी। इसके खिलाफ महिला स्व.सहायता समूह ने अदालत शरण ले ली है। अदालत ने वितरण पर रोक लगा दी है। यही वजह है कि बच्चों को पोषण आहार नहीं मिल पा रहा है।   

महिला समूह का कहना है कि पोषण आहार उन्होने भी तैयार कर ली है। वितरण के लिए शासन से आदेश का इंतजार है। अब सवाल यह उठता है कि जिस पोषण आहार को बीज निगम ने परियोजना कार्यालयों में भेज दिया है उसे कब वितरण किया जाएगा। बताना होगा जिले को दस परियोजनाओं में विभाजित किया गया है। जिनमें केवल दो परियोजना के लिए पोषण आहार आया है। रेडी टू ईट वितरण का उद्देश्य कुपोषण दर को समाप्त करना है। हितग्राहियों तक पोषण आहार नहीं पहुंचने के कारण कम वजन वाले बच्चों की संख्या में बढ़ोतरी होने लगी है।   

बच्चों को साल भर के भीतर 300 दिन पोषण आहार देने की व्यवस्था सरकार ने की है। बीते दो वर्षों में कोरोना संक्रमण के कारण आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहने से बच्चों तक पोषण आहार नहीं पहुंचा। जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में लगभग 1.54 लाख बच्चे पंजीकृत हैं। 25 हजार 678 बच्चें मध्यम कुपोषण की श्रेणी में है। अति गंभीर कुपोषित बच्चों की संख्या 3590 थी वह बढ़कर 5268 हो गई। अब जबकि 16 दिनों से पोषण आहार बंद हैं ऐसे में अति कुपोषित बच्चों की संख्या बढ़ना तय है।

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