अब राजस्व सेवाएँ एक क्लिक दूर.. भुइयां व्हाट्सऐप चैटबॉट और ऑटो-डाइवर्ज़न सुविधा का हुआ शुभारंभ

रायपुर 9 फरवरी 2026. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में डिजिटल गवर्नेंस को और अधिक सशक्त बनाते हुए आज नागरिक सुविधा के क्षेत्र में दो महत्वपूर्ण और अभिनव पहल का शुभारंभ किया गया। राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने अपने निवास कार्यालय में भुइयां व्हाट्सऐप चैटबॉट सेवा तथा ऑटो-डाइवर्ज़न (पुनर्निर्धारण) सुविधा का औपचारिक राज्यव्यापी शुभारंभ किया। ये दोनों डिजिटल पहल राज्य में ई-गवर्नेंस, पारदर्शिता और नागरिक-केंद्रित प्रशासन की दिशा में एक बड़ा कदम हैं। इन सेवाओं के माध्यम से नागरिकों को अब राजस्व संबंधी सेवाओं के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और कार्यवाही पूरी तरह सरल, तेज़ और पारदर्शी होगी।

भुइयां व्हाट्सऐप चैटबॉट सेवा के माध्यम से छत्तीसगढ़ के नागरिक अब अपने मोबाइल फोन पर ही विभिन्न राजस्व सेवाओं की जानकारी और सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। यह सेवा नागरिकों को डिजिटल माध्यम से सीधे शासन से जोड़ने का एक सशक्त प्रयास है, जो राज्य की डिजिटल रूपांतरण यात्रा को नई गति प्रदान करेगी। इस चैटबॉट सेवा के अंतर्गत नागरिकों को जमीन संबंधी जानकारी, राजस्व न्यायालय से संबंधित जानकारी, मोबाइल नंबर जोड़ने की सुविधा, आधार नंबर जोड़ने हेतु ऑनलाइन आवेदन, किसान किताब हेतु आवेदन, नामांतरण हेतु आवेदन सहित अन्य नागरिक हितैषी राजस्व सेवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। नागरिक इन सभी सेवाओं का लाभ घर बैठे केवल एक व्हाट्सऐप संदेश के माध्यम से ले सकते हैं। इस सेवा का उपयोग करने के लिए नागरिक 7289056060 नंबर को अपने मोबाइल में सेव कर व्हाट्सऐप पर संदेश भेज सकते हैं, जिसके पश्चात चैटबॉट तुरंत आवश्यक जानकारी एवं सेवाएँ उपलब्ध कराएगा।

इसी क्रम में राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने एक और महत्वपूर्ण डिजिटल पहल के रूप में ऑटो-डाइवर्ज़न (पुनर्निर्धारण) सुविधा का भी शुभारंभ किया। यह सुविधा भूमि उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑनलाइन, पारदर्शी और समयबद्ध बनाकर नागरिकों को बड़ी राहत प्रदान करेगी।इस नई व्यवस्था के अंतर्गत अब नागरिक बिना किसी कागजी कार्रवाई और कार्यालयों के चक्कर लगाए अपने भूमि उपयोग परिवर्तन के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। पोर्टल पर भूमि चयन से लेकर प्रीमियम एवं शुल्क की गणना तक की पूरी प्रक्रिया स्वचालित और सहज बनाई गई है।

भुगतान प्रक्रिया को सरल और सुरक्षित बनाने के लिए ई-चालान की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। आवेदन के साथ छह आवश्यक दस्तावेजों का ऑनलाइन अपलोड अनिवार्य किया गया है, जिससे प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। आवेदन जमा होते ही वह स्वतः संबंधित सक्षम अधिकारी के पास परीक्षण हेतु प्रेषित हो जाएगा। सक्षम अधिकारी को 15 दिनों के भीतर आवेदन पर निर्णय लेना अनिवार्य होगा, जिससे अनावश्यक विलंब समाप्त होगा और कार्यवाही समयबद्ध रूप से पूर्ण हो सकेगी। यदि निर्धारित समय सीमा में कोई निर्णय नहीं होता है, तो नागरिक को डिम्ड डाइवर्ज़न प्रमाणपत्र स्वतः जारी कर दिया जाएगा, जिससे नागरिकों को लंबे इंतजार से मुक्ति मिलेगी और शासन की जवाबदेही और अधिक मजबूत होगी।

नागरिक हितों की सुरक्षा के लिए यह भी प्रावधान किया गया है कि यदि नागरिक द्वारा गणना की गई राशि वास्तविक देय राशि से कम पाई जाती है, तो सक्षम अधिकारी द्वारा इसकी सूचना दी जाएगी। नागरिक को 60 दिनों के भीतर शेष राशि जमा करनी होगी, अन्यथा विलंब की स्थिति में अर्थदंड का प्रावधान लागू होगा।

नागरिक https://revenue.cg.nic.in/citizenrequest/ पोर्टल के माध्यम से इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं।

इस अवसर पर राजस्व सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले तथा संचालक राजस्व श्री विनीत नंदनवार सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

तकनीक के माध्यम से शासन को सीधे नागरिकों से जोड़ना हमारी प्राथमिकता है, ताकि समय, संसाधन और श्रम की बचत हो तथा पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। छत्तीसगढ़ सरकार नागरिकों को तेज़, सरल और पारदर्शी सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल गवर्नेंस को निरंतर सशक्त बना रही है। भुइयां व्हाट्सऐप चैटबॉट और ऑटो-डाइवर्ज़न (पुनर्निर्धारण) जैसी पहल इसी सोच का परिणाम हैं, जिनसे आम नागरिकों को राजस्व सेवाओं के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। ये डिजिटल सेवाएँ छत्तीसगढ़ को सुशासन और डिजिटल रूपांतरण की दिशा में एक नई ऊँचाई प्रदान करेंगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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