अदाणी पावर जनसुनवाईः 1600 मेगावाट ताप विद्युत विस्तार पर उठे सवाल, पर्यावरण और स्वास्थ्य को लेकर ग्रामीण चिंतित

कोरबा 27 फरवरी। कोरबा में कोरबा पावर लिमिटेड की प्रस्तावित 2×800 मेगावाट (1600 मेगावाट) ताप विद्युत विस्तार परियोजना को लेकर पर्यावरण और स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं सामने आई हैं। जनसुनवाई से पहले ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने संभावित प्रदूषण और स्वास्थ्य प्रभावों पर गंभीर सवाल उठाए।

ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र पहले से ही ताप विद्युत संयंत्रों और खनन गतिविधियों से प्रदूषण झेल रहा है। ऐसे में अतिरिक्त क्षमता बढ़ने से वायु गुणवत्ता और बिगड़ने की आशंका है। ड्राफ्ट पर्यावरण प्रभाव आकलन में संचयी प्रभावों के पारदर्शी विश्लेषण की भी मांग की गई।
फ्लाई ऐश प्रबंधन को लेकर भी लोगों ने आपत्ति जताई। स्थानीय निवासियों ने ऐश डंपिंग और धूल प्रदूषण के पुराने मामलों का हवाला देते हुए भूजल और स्वास्थ्य पर स्वतंत्र अध्ययन की मांग की। रोजगार के मुद्दे पर भी असंतोष व्यक्त करते हुए स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने की स्पष्ट गारंटी की मांग की गई।

प्रशासन की मौजूदगी में दोपहर 12 बजे शुरू हुई जनसुनवाई शाम 3 बजे शांतिपूर्वक संपन्न हो गई। अब सभी की नजरें सुनवाई की रिपोर्ट और आगे की पर्यावरणीय मंजूरी प्रक्रिया पर टिकी हैं।

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