शराब की शॉर्टेज, नहीं मिल रहा नशे का डोज

न्यूज एक्शन। कोरबा जिले के शहरी व उपनगरी क्षेत्र की शराब दुकानों में पिछले एक सप्ताह से शराब का टोटा बना हुआ है। देशी विदेशी दोनों शराब दुकानों से गायब है। जिसके कारण सुरा प्रेमियों को भटकना पड़ रहा है। आलम यह है कि विदेशी शराब दुकानों में मीडियम रेंज से लेकर बड़ी रेंज की शराब नहीं मिल रही है। इसी तरह देशी शराब दुकानों का भी बुरा हाल है। हालांकि आबकारी अधिकारी का कहना है कि पर्याप्त मात्रा में शराब नहीं मिलने के कारण यह स्थिति बनी हुई है। शीघ्र यह समस्या समाप्त हो जाएगी।
राज्य की नई आबकारी नीति के तहत शासन द्वारा देशी व विदेशी शराब दुकानों का संचालन किया जा रहा है। इसमें कोरबा शहर व आसपास आधा दर्जन से अधिक दुकानें संचालित है। जिसमें देशी विदेशी दोनों मदिरा दुकानें है। दीपावली के बाद से ही शराब दुकानों में शराब नहीं मिल रही है। दीपावली के दूसरे दिन तो शहर की अधिकांश देशी शराब दुकान में शराब ही नहीं थी। इक्का दुक्का दुकानों में शाम के बाद स्टॉक पहुंचा तो मदिरा प्रेमियों की भीड़ उमड़ पड़ी । यहीं स्थिति कमोबेश अंग्रेजी शराब दुकानों की भी बनी हुई है। यहां पर भी शराब नहीं मिल रही है। एकदम हल्की क्वालिटी की शराब मिल रही है। जिसके कारण सुरा प्रेमियों को निराश होना पड़ रहा है और एक दुकान से दूसरी दुकान का चक्कर काटते देखा जा सकता है। उसके बाद भी शराब नहीं मिल रही है। लोगों के बीच यह चर्चा बनी हुई है कि चुनाव के मौसम में शराब की कमी के पीछे कहीं राजनीतिक दलों को तो शराब नहीं पहुंचाई जा रही है। चूंकि शराब की दुकानों की बिक्री का डाटा चुनाव आयोग द्वारा भी प्रतिदिन आकंलन किया जा रहा है। इस कारण हेराफेरी की संभावना कम दिख रही है। लेकिन इससे भी इंकार नहीं किया जा सकता कि चुनाव के समय शराब की मांग अधिक होती है।
कैसे आई शराब खंगाला जा रहा रिकार्ड
शराब तस्करी कर शासकीय डीओ पर अंबिकापुर ले जाई जा रही एक वाहन में देशी शराब निर्वाचन आयोग की फ्लांइग स्क्वायड की टीम ने चार दिन पहले कटघोरा में पकड़ा था। उक्त शराब का परमिट शासन का था लेकिन शराब में आबकारी विभाग का हॉलमार्क नहीं लगा होने के कारण अवैध घोषित कर दी गई और आबकारी विभाग द्वारा प्रकरण दर्ज कर जांच की जा रही है। बिलासपुर के सोम डिसलरी से निकली यह शराब आबकारी विभाग के अधिकारियों की नींद उड़ा दी है। क्योंकि वहां पर सीआईएसएफ के जवान निगरानी कर रहे है और तीसरी आंख भी लगी हुई है। जहां पूरी निगरानी रखी जाती है उसके बाद भी शराब निकल गई। यह मामला इतना तुल पकड़ चुका है कि आबकारी अधिकारी अब सोम डिसलरी के उक्त तिथि को निकले सभी वाहनों की जांच कर रही है। वहीं फर्जी डीओ किस आधार पर और किस व्यक्ति द्वारा जारी किया गया है इसकी भी पड़ताल की जा रही है। उम्मीद की जा रही है कि जांच से एक बड़ा खुलासा हो सकता है और कुछ आबकारी अधिकारियों की भी मिली भगत होने की आश्ंाका जाहिर की जा रही है।

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