कोरबा 04 मार्च। रविवार 2 मार्च को न्यूज़ एक्शन में प्रकाशित खबर का असर 24 घंटे के भीतर ही देखने को मिला है। एफएम केबल डालने के लिए सड़क किनारे खोदे गए जानलेवा गड्ढों की खबर चलते ही कुंभकरण की नींद सोया निगम प्रशासन जागा और 24 घंटे बीतने से पहले ही उक्त गड्ढों को भर दिया गया जिसके पश्चात गड्ढों से परेशान कॉलोनी वासियों ने राहत की सांस ली।

बता दें कि कोरबा नगर के निहारिका क्षेत्र में एयरटेल कंपनी के द्वारा एफएम केबल बिछाने का कार्य किया जा रहा था जिसके लिए विभिन्न जगहों पर 5 से 6 फीट गहरे गड्ढे खोदकर उन्हें यूं ही खुला छोड़ दिया गया था। ठेकेदार द्वारा इस कार्य के लिए नगर निगम कोरबा से परमिशन तो लिया गया था परंतु गड्ढा खोदकर उसके आसपास सुरक्षा संबंधी किसी प्रकार के इंतजाम नहीं किए गए थे और गड्ढे से खोदी गई मिट्टी भी सड़क के ऊपर ही छोड़ दी गई थी। इसका परिणाम यह हुआ की रात के अंधेरे में एमपी नगर निवासी महिला अनजाने में गड्ढे में जा गीरी और घायल हो गई। इसके अलावा गड्ढे की मिट्टी सड़क पर होने के कारण आवागमन में भी भारी परेशानियों का सामना कॉलोनी वासियों को करना पड़ रहा था।

घटना से नाराज कॉलोनी वासियों ने इस संबंध में निगम अधिकारियों को सूचित किया परंतु निगम अधिकारियों द्वारा बार-बार निवेदन करने के पश्चात भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही थी अपितु टालमटोल किया जा रहा था। वहीं एयरटेल कंपनी के ठेकेदार द्वारा कॉलोनी वासियों से हुज्जतबाजी की जा रही थी और जो करना है कर लो जैसी बातें कहीं जा रही थी। इस खबर को न्यूज़ एक्शन के द्वारा निगम अधिकारियों को कटघरे में खड़े करते हुए प्रकाशित किया गया जिसका परिणाम 24 घंटे के भीतर ही देखने को मिला और कॉलोनी में खोदे गए जानलेवा गड्ढों को ठेकेदार द्वारा भर दिया गया। ठेकेदार द्वारा कॉलोनी वासियों से अपने दुर्व्यवहार के लिए माफी भी मांगी गई है।

कॉलोनी वासियों ने बताया कि ठेकेदार ने गड्ढे के अंदर पड़े केबल को बाहर निकाल कर गड्ढा भर दिया है और आश्वासन दिया है की उक्त स्थान तक केबल बिछाने का कार्य पूर्ण होने के पश्चात ही गड्ढा खोदकर आगे का कार्य किया जाएगा। ठेकेदार के कथन से यह स्पष्ट हो गया कि केबल बिछाने का कार्य धीमी गति से चल रहा है और यदि उक्त खबर प्रकाशित नहीं हुई होती तो इन गड्ढों को अभी कई दिनों तक खुला छोड़ दिया जाता जिसके कारण किसी भी प्रकार की गंभीर घटना घटित हो सकती थी। बहरहाल गड्ढों के भर जाने से कॉलोनी वासियों ने राहत की सांस ली है।

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