कुसमुंडा फोरलेन के निर्माण कार्य धीमी गति से, आवा-जाही में बढ़ी लोगों की समस्याएं

कोरबा 5 अप्रैल। हसदेव सड़क सेतु चौराहा से इमलीछापर तक बनाए जा रहे फोरलेन से भविष्य में राहत चाहे जब मिले, फि लहाल इस रास्ते पर लोगों के लिए एक ही चीज उपलब्ध है, वह है आफत। अपने कार्यों के लिए आवा जाही करने वाले लोगों को लंबे समय तक इस मार्ग पर समस्याओं से जूझना ही होगा।

लगभग 200 करोड़ की राशि से कुसमुंडा मार्ग फोरलेन में परिवर्तित होना है। महाराष्ट्र के नागपुर की एक फर्म को इसका जिम्मा दिया गया है। इसके साथ ही इस मार्ग पर पूर्व में बिछाई गई जल प्रदाय करने वाली पाईप लाईन को शिफ्ंिटग का काम भी दे दिया गया है। बुंदेलखंड कंस्ट्रक्शन के जरिये यह काम कराना है, इस तरह की चर्चा है। इधर फोरलेन के निर्माण के लिए प्राथमिक कार्य शुरू हो गया है। रास्ते के आसपास लगी हरियाली हासिये पर चली गई है। पुराने रास्ते को खोदने का काम चल रहा है। जिन स्थानों पर पहले से नालों में पुल बने हुए हैं, उनका विस्तार या नवनिर्माण किया जाना है। इस प्रक्रिया में डायवर्सन रोड तैयार की गई है। कुल मिलाकर गर्मी के मौसम में चल रहे कामकाज और इस दौरान होने वाली आवाजाही से चौतरफा धूल ही धूल का नजारा बन रहा है। फोरलेन के लिए तय की गई समयसीमा तक इस रास्ते का उपयोग करने वाले लोगों को समस्याओं से दो-चार होना पड़ेगा। लोग आगे की राहत के लिहाज से इन दिनों इस मार्ग पर दिक्कतें झेलने की मानसिकता बनाकर एक स्थान से दूसरे स्थान तक आना जाना कर रहे है। याद रहे सीएसईबी चौक से ध्यानचंद चौक रूमगरा के बीच बनाए गए फोरलेन का काम मार्च अंतिम तक पूरा हो जाना चाहिए था। लेकिन अभी भी कई स्थान तक काम होना बाकी है। इसी के साथ डिवायडर का काम भी बचा हुआ है। इसी के बीच विद्युत पोल लगाए जाने है। जिस रफ्तार से काम चल रहा है उससे लगता है कि अप्रैल का महीना भी इसकी भेंट चढ़ेगा और इसके बाद लोगों को अंतिम रूप से यह रास्ता सुविधा के तौर पर उपलब्ध हो सकेगा।

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