आरएसएस की दो दिवसीय बैठक 22 और 23 नवंबर को प्रयागराज में होगी, सरसंघचालक मोहन भागवत हुए रवाना

नागपुर 21 नवम्बर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की दो दिवसीय बैठक 22 नवंबर से शुरू होगी. यह बैठक 22 और 23 नवंबर को प्रयागराज में होनी है. इस बैठक के लिए आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत और सर कार्यवाहक भैयाजी जोशी आज 21 नवंबर की रात तक प्रयागराज पहुंचेंगे. आरएसएस प्रमुख अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल पूर्वी क्षेत्र की बैठक में शामिल होंगे.

प्रयागराज में हो रही यह बैठक यमुनापार के गौहनिया में वशिष्ठ वात्सल्य कॉलेज में होगी. बताया जा रहा है कि आरएसएस की पूर्वी यूपी क्षेत्र की इस बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल हो सकते हैं. इस बैठक में आरएसएस प्रमुख और सर कार्यवाह के साथ ही कई अन्य केंद्रीय पदाधिकारी भी शामिल होंगे.

आरएसएस के सर सह कार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले, डॉक्टर कृष्णगोपाल, डॉक्टर मनमोहन वैद्य, मुकुंद, अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुरेश चंद्र, अखिल भारतीय सह सेवा प्रमुख राजकुमार मटाले के भी इस दो दिवसीय बैठक में शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है.

दो दिन की इस बैठक में आठ सत्र होंगे. आठ सत्रों में अलग-अलग विषयों पर चर्चा होगी. इसमें 24 से अधिक पदाधिकारी भाग लेंगे. माना जा रहा है कि राम मंदिर की दिव्यता और भव्यता को लेकर जन जागरण, लव जिहाद को लेकर चिंता, पर्यावरण संरक्षण, आत्मनिर्भर भारत के लिए ग्राम्य विकास, गो संरक्षण और धर्मांतरण पर अंकुश लगाने को लेकर चर्चा होगी.

आरएसएस की इस बैठक में धर्म जागरण, स्वदेशी और कुटुम्ब प्रबोधन भी चर्चा के संभावित बिंदु हैं. बैठक के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. कोरोना वायरस की गाइडलाइंस का भी ध्यान रखा जा रहा है. कोरोना वायरस को देखते हुए बैठक में कम लोग ही शामिल होंगे.

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