आंवला नवमी पर वरिष्ठ नागरिकों ने औषधीय महत्व के पौधे लगाए वाटिका में

कोरबा 11 नवम्बर। कार्तिक मास को शुक्ल पक्ष की नवमी तिथी को आंवला नवमी के रुप में मनाया जाता है। कोरबा जिले में इस दिन विशेष को धूमधाम से मनाया गया। कई स्थानों पर आंवला पेड़ की कमी को देखते हुए तुलसीनगर के वरिष्ठजनों ने स्थानीय उद्यान में आंवला और बेल के पौधों का रोपण किया ताकी आने वाले समय में लोगों को पूजा पाठ के लिए इधर उधर भटकना ना पड़े।

सनातन धर्म में साल भर कोई न कोई पर्व त्यौहार मनाया जाता है। इन्हीं पर्वों में से एक आंवला नवमी का पर्व है,जिसे कार्तिक मास को शुक्ल पक्ष की नवमी तिथी को मनाया जाता है। कोरबा में इस दिन विशेष को धूमधाम से मनाया गया। आंवला पेड़ की पूजा पाठ करने के साथ ही लोगों ने वनभोज का भी आनंद लिया। इस विशेष मौके पर तुलसी नगर के वरीष्ठजनों ने अपने सरोकार दिखाए। सुबह सुबह उन्होंने क्षेत्र के उद्योन में आंवला और बेल के पौघों का रोपण किया ताकी आने वाले समय में ये पौधे वृक्ष का रुप ले सके और लोगों को पूजन अर्चन के लिए किसी दूसरे स्थान पर ना जाना पड़े। विकास के नाम पर लगतार पेड़ों की बलि दी जा रही है,जिससे पर्यावरण का संतुलन भी बिगड़ रहा है। इस लिहाज से तुलसी नगर के वरिष्ठ जनों का यह प्रयास तारीफ के काबिल है और निश्चित रुप से इसका लाभ आने वाली पीढ़ी को मिलेगा।

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