अनुसूचित जनजाति बाहुल्य क्षेत्र में शोध को बढ़ावा, राशि आबंटित

शासन के वर्ष 2025-26 के बजट मे श्रीमंत शंकर देव अनुसंधान पीठ के लिए दो करोड़ का प्रावधान

रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका की विशेष पहल पर अनुसूचित जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में शोध एवं अध्ययन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, राज्य शासन के वर्ष 2025-26 के बजट में पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय में श्रीमंत शंकर देव अनुसंधान पीठ की स्थापना के लिए 2 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय में आईटी आधारित एमआईयू प्रयोगशाला के लिए 1.71 करोड़ रुपए रखे गए हैं।

इससे अनुसंधान को एक नई दिशा मिलेगी। इस संदर्भ में राज्यपाल ने कहा कि शोध एवं अध्ययन समाज के बौद्धिक विकास की नींव होते हैं। अनुसूचित जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में ज्ञान-विज्ञान को बढ़ावा देने और स्थानीय ज्ञान परंपराओं के दस्तावेजीकरण के लिए श्रीमंत शंकर देव अनुसंधान पीठ की स्थापना एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से अनुसंधान कार्यों को गति मिलेगी और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत को समझने का अवसर मिलेगा। राज्य मे रिसर्च एवं इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए 3 करोड़ रूपए का प्रावधान भी किया गया है

इसके अलावा, राज्यपाल के निर्देश पर सभी स्वशासी महाविद्यालयों में परीक्षा नियंत्रक के पद भी बजट में प्रस्तावित किए गए हैं। इससे प्रशासनिक व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ता मिलेगी। राज्यपाल ने कहा कि ये प्रावधान राष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने में सहायक होंगे.

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