राखी के धागे में दिखा नक्सलवाद से नए छत्तीसगढ़ तक का सफर, शहीद की पत्नी ने CM साय को बांधी राखी

‘स्नेह की डोर’ में करीब 800 जवानों की कलाई पर सजा रक्षा सूत्र, CM बोले – नक्सलवाद का अंत बहनों के लिए सुरक्षा और विश्वास का सबसे बड़ा उपहार

रायपुर। रक्षाबंधन से पहले राजधानी में आयोजित ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम ने भाई-बहन के स्नेह के साथ राष्ट्ररक्षा और नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई की यादों को भी भावुक कर दिया। सबसे खास पल तब आया, जब नक्सली मुठभेड़ में शहीद उपनिरीक्षक युगल किशोर वर्मा की पत्नी माधुरी वर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की कलाई पर राखी बांधी। मुख्यमंत्री भावुक हुए और शहीद परिवारों को अपना परिवार बताया।

800+
सुरक्षा बलों के जवानों को बांधी राखी
68 लाख
बहनों को महतारी वंदन की 31वीं किस्त
₹631 करोड़
रक्षाबंधन से पहले खातों में अंतरित
5 प्रोजेक्ट
रायपुर जिले में नए अभिनव प्रोजेक्ट्स का शुभारंभ

शहीद की पत्नी ने CM की कलाई पर बांधी राखी

कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण वर्ष 2017 में रक्षाबंधन से ठीक एक दिन पहले नक्सली मुठभेड़ में वीरगति को प्राप्त हुए उपनिरीक्षक श्री युगल किशोर वर्मा की धर्मपत्नी श्रीमती माधुरी वर्मा के राखी बांधने के दौरान आया।

श्रीमती माधुरी वर्मा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा। इस दौरान मुख्यमंत्री भावुक हो उठे। उन्होंने शहीद जवान के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए कहा कि शहीदों के परिवार हमारे अपने परिवार हैं।

“शहीदों के परिवार हमारे अपने परिवार हैं और उनके सम्मान तथा हर सुख-दुःख में सरकार उनके साथ खड़ी रहेगी।”

‘नक्सलवाद का अंत बहनों के लिए सबसे बड़ा उपहार’

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश और छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद के आतंक से मुक्त कराने के लिए सुरक्षा बलों ने अदम्य साहस का परिचय दिया है। अनेक जवानों ने राष्ट्र और प्रदेश की सुरक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।

उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के अंत की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़ हमारी बहनों के लिए सुरक्षा और विश्वास का सबसे बड़ा उपहार है। अब वह समय आ रहा है जब नक्सली हिंसा के कारण किसी बहन का सुहाग नहीं उजड़ेगा, किसी मां को अपना बेटा नहीं खोना पड़ेगा और किसी बहन को अपने भाई के सकुशल लौटने की चिंता नहीं सताएगी।

बस्तर की नई पहचान हिंसा नहीं, बल्कि शांति, विकास, जनजातीय संस्कृति और पर्यटन होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के कारण लंबे समय तक विकास से दूर रहे क्षेत्रों में सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और रोजगार के अवसर तेजी से पहुंचाए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य बस्तर को देश के श्रेष्ठ और विकसित आदिवासी अंचलों में शामिल करना है।

जब जवानों की कलाइयों पर बंधी 800 राखियां

‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में सीआईएसएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआरपीएफ, सेना और पुलिस के लगभग 800 जवान शामिल हुए। स्कूली छात्राओं, दिव्यांग बेटियों, स्वच्छता दीदियों, ड्रोन दीदियों, लखपति दीदियों और महिला स्व-सहायता समूहों की बहनों ने जवानों की कलाइयों पर राखी बांधी।

बहनों ने राष्ट्र और समाज की सुरक्षा में जवानों के योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया। वहीं सुरक्षा बलों के जवानों ने भी बहनों की रक्षा, सम्मान और सुरक्षा का संकल्प लिया।

बहनों के लिए आर्थिक सशक्तिकरण पर भी जोर

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बहनों का स्नेह और विश्वास उन्हें जनसेवा के लिए नई ऊर्जा देता है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में 2 लाख 42 हजार से अधिक महिला स्व-सहायता समूहों से करीब 30 लाख महिलाएं जुड़ी हुई हैं।

मुख्यमंत्री के अनुसार प्रदेश की 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार की योजनाएं लगातार आगे बढ़ाई जा रही हैं।

रक्षाबंधन पर 68 लाख बहनों को 631 करोड़ की सौगात

महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के रूप में करीब 68 लाख बहनों के बैंक खातों में 631 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की जाएगी। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है।

रायपुर को मिले पांच नए प्रोजेक्ट

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रायपुर जिला प्रशासन एवं विभिन्न विभागों द्वारा तैयार पांच अभिनव प्रोजेक्ट्स का शुभारंभ किया।

  • हरित पोषणम् : पोषण वाटिकाओं को बढ़ावा देने की पहल।
  • प्रोजेक्ट निरामय : 215 स्कूलों के 65,920 विद्यार्थियों की स्वास्थ्य एवं रक्त जांच।
  • तिरंगा शक्ति फेस्ट : युवाओं को सामाजिक सरोकार और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने की पहल।
  • रायपुर अनफिल्टर्ड : प्रतिष्ठित लोगों के अनुभव और विचारों को पॉडकास्ट के जरिए सामने लाया जाएगा।
  • प्रोजेक्ट अहिगुण्डिकः : सौंरा (सपेरा) समुदाय को शासन की योजनाओं से जोड़ने का अभियान।

वन मंत्री बोले – नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में जवानों का बड़ा योगदान

वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई में केंद्रीय सुरक्षा बलों और पैरामिलिट्री फोर्स का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के साहस और सरकार के प्रयासों से बस्तर में परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं।

‘स्नेह की डोर’ का बड़ा संदेश

राखी के धागे ने इस आयोजन में सिर्फ भाई-बहन के रिश्ते को नहीं जोड़ा, बल्कि शहीद परिवारों के सम्मान, जवानों के प्रति कृतज्ञता, महिला सशक्तिकरण और नक्सलवाद से बदलते छत्तीसगढ़ की तस्वीर को भी एक साथ सामने रखा।

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