रायपुर – छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ACB-EOW ने 182.98 करोड़ रुपए के मैनपावर भुगतान से जुड़े मामले में CSMCL के तत्कालीन प्रबंध संचालक अरुणपति त्रिपाठी और एजेंसी संचालक बीआर लोहिया के खिलाफ 6वां पूरक चालान पेश किया है।
जांच एजेंसी का आरोप है कि सरकारी शराब दुकानों में काम करने वाले कर्मचारियों के नाम पर 5 कंपनियों ने ओवरटाइम, बोनस और चार अतिरिक्त दिनों के काम का भुगतान लिया, लेकिन कर्मचारियों को यह रकम नहीं दी गई।
जांच एजेंसी के मुताबिक, इस तरह शासन को 182 करोड़ 98 लाख रुपए से अधिक का नुकसान हुआ। चालान में भुगतान के रिकॉर्ड, कंपनियों के दस्तावेज, बैंक संबंधी कागजात, कर्मचारियों के बयान और कथित कमीशन के लेन-देन से जुड़े सबूत शामिल हैं। मामले में आरोपों पर अदालत का फैसला आना बाकी है।
बचाव पक्ष के वकील फैजल रिजवी के मुताबिक, कुल 42 लोगों को आरोपी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि पहले से गिरफ्तार आरोपियों की कंपनियों को भी इस चालान में शामिल किया गया है। चालान पेश होने के बाद अब मामले में अगली सुनवाई 31 अक्टूबर को होगी।
वहीं आज ही 3200 करोड़ के शराब घोटाले में ACB-EOW ने 20 लोगों और 22 फर्मों व कंपनियों के खिलाफ 10वां चालान पेश किया है। 27 हजार पन्नों के दस्तावेजों के साथ यह चालान रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया गया। इसमें रामगोपाल अग्रवाल, यश टुटेजा और अख्तर ढेबर समेत अन्य लोगों के नाम शामिल हैं।
जांच एजेंसी के मुताबिक, शराब सिंडिकेट ने आबकारी व्यवस्था का दुरुपयोग कर अवैध कमीशन वसूला। बिना आबकारी शुल्क चुकाए अतिरिक्त शराब तैयार कराई गई और डुप्लीकेट होलोग्राम व फर्जी परिवहन परमिट के जरिए सरकारी दुकानों तक पहुंचाई गई। इस शराब की बिक्री सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं की जाती थी। बिक्री से मिला कैश सिंडिकेट तक पहुंचाया जाता था।
चालान में अवैध रकम को हवाला और आंगड़िया नेटवर्क के जरिए अलग-अलग शहरों और दुबई तक पहुंचाने के आरोपों का भी जिक्र है। जांच एजेंसी ने कैश को बैंक खातों में लोन के रूप में दिखाकर जमीन और अन्य संपत्तियों में निवेश किए जाने से जुड़े साक्ष्य भी शामिल किए हैं।
2 आरोपियों बीआर लोहिया और कुमार भाई ठक्कर के खिलाफ फरारी में चालान पेश किया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
