रायपुर land
R.O. No. 13952/23
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छत्तीसगढ़ रेरा ने बिना पंजीयन प्लॉट बेचने के मामले में महागणपति डेवलपर्स पर 8 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। जांच में सामने आया कि महागणपति डेवलपर्स के सौरभ केडिया ने जवाहर चौक के पास प्लॉटेड ले-आउट प्रोजेक्ट विकसित कर भूखंडों की बिक्री शुरू कर दी थी, लेकिन परियोजना का रेरा में जरूरी पंजीयन नहीं कराया था।

रेरा कानून के तहत पंजीयन के दायरे में आने वाले किसी भी प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन कराए बिना उसका प्रचार, मार्केटिंग, बुकिंग या बिक्री नहीं की जा सकती। इस मामले में रेरा ने खुद संज्ञान लेकर जांच शुरू की। सुनवाई के दौरान दस्तावेज और रिकॉर्ड खंगाले गए।

प्राधिकरण ने माना कि बिना पंजीयन भूखंड बेचना रेरा अधिनियम की धारा-3 का उल्लंघन है। इसी आधार पर बिल्डर पर 8 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। नियमों का उल्लंघन करने वाले बिल्डरों के खिलाफ रेरा की लगातार कार्रवाई जारी है।

बिल्डर को 15 लाख के साथ लौटाने होंगे ब्याज के 18.60 लाख

 

प्लॉट की पूरी रकम लेने के बाद भी कब्जा नहीं देने पर रेरा ने सेजबहार के वत्सल्य डेवलपर्स को खरीदार को 33.70 लाख रुपए लौटाने का आदेश दिया है।

आवंटी ने प्लॉट बुकिंग के लिए 15.09 लाख रुपए जमा किए थे। तय समय में प्लॉट नहीं मिला और प्रमोटर ने बिना सूचना बुकिंग भी निरस्त कर दी। मामला रेरा पहुंचने पर सुनवाई में बिल्डर की गलती पाई गई। रेरा ने माना कि रकम लेने के बावजूद प्लॉट नहीं देना आवंटी के साथ अन्याय है। अब प्रमोटर को 15.09 लाख रुपए मूल राशि और 18.61 लाख रुपए ब्याज समेत 33.70 लाख रुपए लौटाने होंगे।

600 बिल्डरों को नोटिस जारी

पिछले तीन साल में करीब 600 बिल्डरों को नोटिस और 989 प्रोजेक्ट्स पर जांच रेरा सोसायटी हैंडओवर नहीं करने वाले बिल्डरों के खिलाफ भी लगातार फैसले सुना रहा है। पिछले तीन साल में रेरा की ओर से ऐसे 595 से ज्यादा बिल्डरों को नोटिस जारी किए है, जो तय प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी वहां रहने वाले लोगों को संचालन नहीं सौंप रहे थे।

ये कार्रवाई उन 989 हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को लेकर की गई हैं, जो कागजों पर या भौतिक रूप से पूरे तो हो चुके हैं, लेकिन बिल्डरों ने वहां रहने वाले लोगों को तय सुविधाएं (जैसे सीसी रोड, बिजली, पानी, या ड्रेनेज) मुहैया नहीं कराई थीं या नियमों में गड़बड़ी की थी। रेरा की सख्ती के बाद पिछले एक महीने में करीब 14 बिल्डरों ने अपने प्रोजेक्ट सोसायटी वालों को सौंप दिए हैं।

इसके अलावा सात से ज्यादा बिल्डरों के खिलाफ फैसले देकर सोसायटी हैंडओवर कराई गई है। तय नियमों के तहत कोई भी बिल्डर प्रोजेक्ट हैंडओवर नहीं करता हैं तो उसकी लिखित शिकायत रेरा में की जा सकती है। रेरा में तत्काल ऐसे बिल्डरों के खिलाफ कड़े फैसले लिए जा रहे हैं।

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