ए बस
R.O. No. 13952/23
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  रायपुर – छत्तीसगढ़ में पीएम ई-बस योजना के तहत 240 बसें चलेंगी। इनमें राजधानी रायपुर में 100 बसें तथा दुर्ग-भिलाई और बिलासपुर में 50-50 तथा कोरबा में 40 बसें स्वीकृत हुई हैं। रविवार को उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कंसेशन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए। इस मौके पर उन्होंने चारों निकायों में चलने वाली बसों के रंग और कट-आउट का भी विमोचन किया गया।

राज्य सरकार ने चारों शहरों में चलने वाली बसों का रूट फाइनल कर लिया है। संबंधित नगरीय निकाय इन रूट्स का क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय से परमिट लेने की प्रक्रिया शुरू करेंगे। नगरीय प्रशासन विभाग के अफसरों का कहना है कि चारों शहरों के रूट्स के लिए उन इलाकों को चिन्हिंत किया गया है, जहां पर ज्यादा से ज्यादा स्कूल-कालेज, अस्पताल और सरकारी दफ्तर हैं।

इन रूट्स पर बसें चलने का फायदा विद्यार्थियों के साथ-साथ अस्पतालों और सरकारी दफ्तरों में आने वाले लोगों को होगा। बस संचालन के लिए 12 साल का अनुबंध किया गया है। अफसरों के अनुसार बसों के डिपो और बिजली संबंधी इंफ्रास्ट्रक्चर पर 64.02 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसमें केंद्र सरकार की ओर से 50.55 करोड़ रुपए की सहायता मिली है। स्वीकृत बसों में 205 मध्यम आकार की बसें 9 मीटर लंबी और 35 मिनी बसें 7 मीटर लंबी होंगी।

 

अखिल भारतीय निविदा प्रक्रिया में सीएसएल मोबिलिटी आई प्राइवेट लिमिटेड का चयन किया गया है। यह निविदा कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड (सीईएसएल) ने आयोजित की थी। निविदा में 9 मीटर की बस के लिए 62.02 रुपए प्रति किलोमीटर और 7 मीटर की बस के लिए 61.75 रुपए प्रति किलोमीटर की दर तय हुई है।

 

केंद्र सरकार 9 मीटर की बस के संचालन के लिए 22 रुपए प्रति किलोमीटर और 7 मीटर की बस के लिए 20 रुपए प्रति किलोमीटर की सहायता 10 साल या मार्च 2037 तक देगी। एमओयू के मौके पर नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, मुख्य अभियंता राजेश शर्मा, अधीक्षण अभियंता सुनील सिंह और सूडा के उप मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील अग्रहरि, रायपुर महापौर मीनल चौबे समेत 8 निगमों के महापौर और जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

बाकी शहरों में डिपो 80 फीसदी से ऊपर, रायपुर पिछड़ा

प्रदेश के चारों शहरों में ई-बस के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने का काम किया जा रहा है। रायपुर को छोड़कर बाकी शहरों में काम तेजी से चल रहा है। दुर्ग-भिलाई में डिपो का सिविल निर्माण 90% पूरा हो चुका है। बिलासपुर और कोरबा में यह काम 80% तक पहुंचा है, जबकि रायपुर में 40% प्रगति दर्ज की गई है। रायपुर के जरवाय में डिपो का काम 31 दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। रायपुर में इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के काम की धीमी रफ्तार के कारण इस साल बसें शुरू करने को लेकर संदेह है।

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