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R.O. No. 13952/23
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  रायपुर –  एसआईआर से पहले जिन मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में थे, लेकिन नई सूची से कट गए, उनकी पहचान शुरू हो गई है। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर रायपुर समेत प्रदेशभर में बीएलओ घर-घर जाकर जानकारी जुटा रहे हैं। जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में वार्डवार सर्वे कर छूटे मतदाताओं की अलग सूची तैयार की जा रही है। इसके आधार पर नाम जोड़ने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

अभियान से पहले बीएलओ को विभिन्न स्तरों पर प्रशिक्षण दिया गया है। प्रत्येक बीएलओ को सप्ताह में कम से कम 20 से 25 छूटे मतदाताओं की पहचान करने का लक्ष्य दिया गया है। अभियान एक महीने में पूरा करने की तैयारी है। जिनके नाम कट गए हैं, वे सीधे संबंधित बीएलओ से संपर्क कर सकते हैं। उन्हें फॉर्म-6 उपलब्ध कराया जा रहा है। जरूरी दस्तावेजों के साथ आवेदन करने पर सत्यापन के बाद पात्र मतदाताओं के नाम सूची में जोड़े जाएंगे।

 

राजनीतिक दलों को भी मिलेगी सूची, बेघर और मजदूरों के लिए लगेंगे शिविर : बीएलओ छूटे मतदाताओं की सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों को भी देंगे। रैन बसेरों, मजदूर कॉलोनियों में रहने वालों के साथ बेघर और वंचित लोगों के लिए विशेष शिविर लगाए जाएंगे। वहीं, 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवा भी फॉर्म-6 जमा कर सकेंगे। पात्र युवाओं के नाम एक महीने में जोड़ने का लक्ष्य है।

 

 

फॉर्म-7 पर नई पाबंदी, छत्तीसगढ़ में एक व्यक्ति महीने में 5 आवेदन ही कर सकेगा

 

मतदाता सूची से नाम हटाने या किसी नाम पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए फॉर्म-7 जमा करने की सीमा तय कर दी गई है। एसआईआर वाले राज्यों में एक व्यक्ति अधिकतम 10 फॉर्म जमा कर सकेगा। छत्तीसगढ़ समेत मतदाता सूची अपडेट करने वाले राज्यों में प्रति व्यक्ति हर महीने अधिकतम पांच आवेदन की सीमा होगी। यह नियम ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों पर लागू होगा। पहले ऑनलाइन एक बार में अधिकतम छह आवेदन की सीमा थी, जबकि ऑफलाइन स्पष्ट संख्यात्मक सीमा नहीं थी। राजनीतिक दलों ने बिना सहमति फॉर्म-7 जमा कर नाम कटवाने के आरोप लगाए थे। आयोग ने निराधार आपत्तियों से होने वाली परेशानी रोकने के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960 के नियम 13(2) के अनुसार संबंधित निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज व्यक्ति ही फॉर्म-7 जमा कर सकता है।

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