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R.O. No. 13952/23
R.O. No. 13952/23

रायपुर-   छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले से जुड़े मामले में राज्य सरकार ने आबकारी विभाग के अपर आयुक्त आशीष श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया है। आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं एंटी करप्शन ब्यूरो (EOW-ACB) की जांच के बाद उनके खिलाफ रायपुर की विशेष अदालत में पूरक आरोप पत्र पेश किया गया है। इसके बाद आबकारी विभाग ने शनिवार को निलंबन आदेश जारी किया, जिसे 14 अक्टूबर 2026 से प्रभावी माना जाएगा। विभागीय कार्रवाई के बाद शराब घोटाले की जांच एक बार फिर चर्चा में आ गई है।

पूरक आरोप पत्र दाखिल होने के बाद कार्रवाई

विभागीय आदेश के अनुसार, शराब घोटाले से संबंधित मामला EOW-ACB में अपराध क्रमांक 04/2024 के तहत दर्ज है। जांच के दौरान तत्कालीन उपायुक्त आबकारी आशीष श्रीवास्तव के खिलाफ प्रथम दृष्टया आरोप पाए जाने का उल्लेख किया गया है। इसके बाद उनके विरुद्ध पूरक आरोप पत्र तैयार कर 14 अक्टूबर 2026 को रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया गया। आरोप पत्र दाखिल होने के बाद छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई है। आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही होगा।

14 अक्टूबर से प्रभावी रहेगा निलंबन

आबकारी विभाग के आदेश में निलंबन की प्रभावी तारीख 14 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। निलंबन अवधि के दौरान आशीष श्रीवास्तव का मुख्यालय नवा रायपुर स्थित आबकारी आयुक्त कार्यालय रहेगा। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। यह कार्रवाई जांच एजेंसी की ओर से पूरक आरोप पत्र पेश किए जाने के बाद की गई है।

ED के प्रतिवेदन के बाद दर्ज हुई थी FIR

छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच के तहत EOW-ACB ने 17 जनवरी 2024 को प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) से मिले प्रतिवेदन और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ी। मामले में कई लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें आबकारी विभाग से जुड़े अधिकारी भी शामिल हैं। जांच एजेंसियां कथित अवैध कमीशन, शराब कारोबार में अनियमितताओं और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने के आरोपों की पड़ताल कर रही हैं।

ED की रिपोर्ट में कथित अनियमितताओं का उल्लेख

प्रवर्तन निदेशालय ने 11 जुलाई 2024 को EOW-ACB को एक प्रतिवेदन भेजा था। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इसमें तत्कालीन आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा, आबकारी अधिकारी अरुणपति त्रिपाठी और अन्य लोगों की कथित भूमिका का उल्लेख किया गया था। जांच एजेंसियों ने शराब कारोबार में कथित अवैध कमीशन वसूली, सरकारी दुकानों से बिना हिसाब शराब की बिक्री और डिस्टिलरी कंपनियों के बीच कथित गठजोड़ जैसे आरोपों की जांच की है। ये आरोप जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं।

अरुणपति त्रिपाठी सहित अन्य अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में

शराब घोटाले से जुड़े मामले में छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) के तत्कालीन प्रबंध निदेशक अरुणपति त्रिपाठी पर भी जांच एजेंसियों ने आरोप लगाए थे। एजेंसियों के अनुसार, कथित अनियमितताओं और अवैध शराब बिक्री के नेटवर्क में उनकी भूमिका की जांच की गई। आशीष श्रीवास्तव के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दाखिल होने और निलंबन की कार्रवाई के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। आरोपों की सत्यता और संबंधित व्यक्तियों की जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण अदालत करेगी।

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