सर्व सम्मति से विधानसभा अध्यक्ष चुने गए डॉ. रमन सिंह

रायपुर 19 दिसम्बर 2023। तीन बार के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह सर्व सम्मति से विधानसभा अध्यक्ष चुने गए हैं। वे मुख्यमंत्री की दौड़ में शामिल थे, लेकिन विष्णुदेव साय के सीएम बनने के बाद विधानसभा अध्यक्ष की चर्चा हो गई। छत्तीसगढ़ में अजीत जोगी के बाद डॉ. रमन 2003 से 2018 तक 15 साल प्रदेश के मुखिया रहे। 2018 में भाजपा चुनाव हारी और कांग्रेस के भूपेश बघेल को कमान मिली। अब 5 साल में सत्ता में भाजपा की वापसी के बाद डॉ रमन सिंह विधानसभा अध्यक्ष बनाए गए हैं।

यह नाम बीजेपी हाईकमान ने लोकसभा चुनाव के मैनेजमेंट को नजर में रखते भी लिया है। पर्यवेक्षकों में झारखंड के पूर्व CM अर्जुन मुंडा के अलावा केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और पार्टी नेता दुष्यंत कुमार गौतम को रायपुर भेजा गया था।

डॉ रमन सिंह विधानसभा अध्यक्ष क्यों ?

छत्तीसगढ़ में 15 सालों तक मुख्यमंत्री रहते हुए डॉ रमन सिंह खुद को साबित कर चुके हैं। पार्टी ने इस चुनाव में भी उन्हें चेहरे के तौर पर आगे ही रखा। टिकट वितरण में डॉ रमन सिंह की ही चली। बीजेपी हाईकमान की नजर लोकसभा चुनाव पर है। डॉ रमन सिंह का मैनेजमेंट भाजपा को जीत की ओर ले जा सकता है। डॉ रमन सिंह हिन्दू धर्म से और जाति से राजपूत हैं, लेकिन सभी वर्गों में स्वीकार्य नेता भी हैं। बेहद अनुभवी हैं।

जब 2003 में पहली बार CM बने

छत्तीसगढ़ निर्माण के बाद 2003 में पहला विधानसभा चुनाव होना था। तीन सालों में अजीत जोगी के नेतृत्व में कांग्रेस और मजबूत हुई थी, लेकिन बीजेपी में बिखराव की स्थिति थी। ऐसे में बीजेपी के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष वेंकैया नायडू ने दो वरिष्ठ सांसदों रमेश बैस और दिलीप सिंह जूदेव को प्रदेश बीजेपी की कमान देनी चाही, लेकिन वे तैयार नहीं हुए।

Spread the word

You may have missed