नई नीति के तहत कोल कर्मियों का अब दो बार होगा अंतरकंपनी स्थानांतरण

कोरबा 01 सितंबर। नई स्थानांतरण नीति के तहत कोयला कर्मियों का अब सितंबर और मार्च में स्थानांतरण किया जाएगा, लेकिन प्रशासनिक आधार पर किसी भी समय स्थानांतरण किया जा सकेगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी भी कर्मचारी का स्थानांतरण बिना कोई कारण बताए किसी भी समय किया जा सकेगा। स्थानांतरण नीति का उद्देश्य रिक्ति की उपलब्धता के अनुसार सहायक कंपनियों में जनशक्ति की समान पदस्थापना करना है।

कोल इंडिया लिमिटेड ने गैर कार्यकारी कर्मचारियों के लिए नई स्थानांतरण नीति पर 163 वीं सीएमडी मीट में अंतिम रूप दिया गया। इसके बाद इसे लागू करने का आदेश सीआईएल के श्रम शक्ति एवं औद्योगिक संबंध विभाग द्वारा जारी किया गया। कर्मचारियों की स्थानांतरण नीति सीआईएल और संबद्ध कंपनियों में समान तैनाती के लिए बनाई गई है। इस नीति को सीआइएल और इसकी सहायक कंपनियों में कर्मचारियों के लिए स्थानांतरण नीति कहा जाएगा, जो 30 अगस्त 2023 से लागू कर दी गई है। यह नीति केवल अंतर कंपनी स्थानांतरण के लिए लागू है। इसमें कर्मचारियों को आवश्यकता के आधार पर उनके अनुरोध के आधार पर एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में स्थानांतरित किया जा सकता है। कर्मी को मौजूदा क्षेत्र के महाप्रबंधक की अनापत्ति और क्षेत्र से स्वीकृति पर स्थानांतरण किया जाएगा। वहीं मौजूदा क्षेत्र के परियोजना अधिकारी की कोई आपत्ति नहीं होने और परियोजना से स्वीकृति जिस अधिकारी को स्थानांतरण किया जाना हैए वह आवश्यक होगा। सीधी भर्ती के माध्यम से शामिल किए गए कर्मचारी के स्थानांतरण अनुरोध पर सहायक कंपनी की सेवा में शामिल होने की तारीख से न्यूनतम तीन वर्ष की अवधि तक विचार नहीं किया जाएगा, क्योंकि ऐसे मामले भर्ती के उद्देश्य को विफल कर देते हैं और सहायक कंपनी में एससी एसटी ओबीसी के प्रतिशत को प्रभावित करते हैं। सहायक कंपनियों के बीच अनुरोध स्थानांतरण पर कर्मचारियों की वरिष्ठता होगी। वहीं कर्मियों के अनुरोध पर भी स्थानांतरण किया जाएगा। आदेश जारी होने के बाद 60 दिन के अंदर कर्मी को अपने स्थल पर कार्यभार ग्रहण करना होगा। यदि ऐसा नहीं करता है तो आदेश जारी होने की समयावधि समाप्त होते ही स्वत: कार्यमुक्त माना जाएगा। आदेश में यह भी कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति जो स्थानांतरण के मामले में बाहरी दबाव लाता है या लाने का प्रयास करता है और पोस्ट करने पर सख्ती से निपटा जाएगा।

कंपनी ने कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने का अधिकार अपने पास सुरक्षित रखा है और ऐसे कर्मचारी की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट में प्रतिकूल प्रविष्टि की जाएगी। कोयला कंपनी में कर्मचारी संवेदनशील पद पर कार्यरत हैं। नियमत: इनका तबादला तीन वर्ष के भीतर किए जाने का प्रविधान हैए पर नई स्थानांतरण नीति में इन कर्मचारियों को थोड़ी राहत दी गई है। जरूरत पडऩे पर कंपनी मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों की स्वीकृति से ऐसे कर्मचारियों को अधिकतम पांच वर्ष संवेदनशील पद पर रखा जा सकता हैए पर इसके बाद उसका स्थानांतरण करना अनिवार्य होगा। संवेदनशील श्रेणी के अंतर्गत जारी किए गए आदेश को 30 दिन के भीतर लागू किया जाना होगा। उक्त अवधि के भीतर स्थानांतरित व्यक्ति को कार्यमुक्त नहीं किया जाता है, समयावधि समाप्त होने के बाद स्वत: कार्यमुक्त माना जाएगा। इसके साथ ही नई पोस्टिंग वाली जगह पर कार्यभार ग्रहण करना अनिवार्य होगा।

इस नीति से कुछ कर्मियों को राहत भी प्रदान किया गया है। इसके तहत जिन कर्मचारियों की सेवानिवृति की अवधि तीन वर्ष से कम है, उनका स्थानांतरण नहीं किया जाएगा। इसी तरह गंभीर रूप से असाध्य रोग से पीडि़त हो, किडनी की समस्या, कुष्ठ रोग, दिव्यांग, कामकाजी जोड़ा पति-पत्नी, मस्तिष्क विकार, दिल का मरीज, पूर्ण अंधापन व कैंसर की बीमारी वाले कर्मियों का भी स्थानांतरण नहीं किया जाएगा। किसी कर्मचारी का एक कंपनी से दूसरी कंपनी में स्थानांतरण सामान्यत: नहीं होगा उस कंपनी में वापस स्थानांतरित कर दिया गया, जहां से उसे स्थानांतरित किया गया था। हालांकि विशेष परिस्थितियों मेंए सक्षम प्राधिकारी किसी कर्मचारी को वापस करने का अधिकार सुरक्षित रखता है। अनुषांगिक कंपनी स्तर पर स्थानांतरण के लिए निदेशक कार्मिक व आइआर सक्षम प्राधिकारी होंगे। सीआइएल मुख्यालय व संबद्ध प्रतिष्ठानों में स्थानांतरण के लिए निदेशक कार्मिक व आइआर की अनुशंसा पर चेयरमैन द्वारा निर्णय लिया जाएगा। सहायक कंपनियों के भीतर अंतर क्षेत्रीय स्थानांतरण के लिए संबंधित कंपनी के निदेशक कार्मिक सक्षम प्राधिकारी होंगे। इसी तरह अंतर एरिया के लिए एरिया महाप्रबंधक तथा अंतर मुख्यालय स्थानांतरण के लिए महाप्रबंधक एमपी व आइआर सक्षम प्राधिकारी होंगे।

कोयला कामगारों का 11 वां वेतन समझौता लागू हो चुका है और कर्मियों को बढ़े हुए दर के मुताबिक राशि का भुगतान भी शुरू हो चुका है। जुलाई 2021 से लागू वेतन समझौता के तहत कर्मियों को 23 माह के एरियर प्रदान किया जाना है। प्रबंधन ने अगस्त 2023 माह के वेतन के साथ एक मुश्त एरियर सितंबर माह में देने का आदेश पहले ही जारी कर दिया है। इसके तहत कर्मियों की निगाह वेतन पर टिकी हुई है। कर्मियों को प्रत्येक माह की एक या दो तारीख को वेतन का भुगतान होता है। संभावना जताई जा रही है कि शुक्रवार को सभी कर्मियों के खाते में राशि हस्तांतरित कर दी जाएगी। कर्मियों को न्यूनतम तीन तो अधिकतम सात लाख रूपये तक एरियर मिलने की उम्मीद है।

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