डंपर ऑपरेटरों ने किया काम बंद, कहा जीएम को हटाया जाए

कोरबा 10 फरवरी। कोयला कंपनी एसईसीएल की स्थिति को ठीक ठाक करने के लिए एक तरफ नए सीएमडी पीएस मिश्रा लगातार दौरे करने के साथ बैठक लेते हुए कामकाज की समीक्षा करने में लगे हुए हैं। वहीं कुछ इलाकों में अलग-अलग कारणों से समस्याएं पैदा हो रही है। न केवल कोल इंडिया बल्कि एशिया की मेगा प्रोजेक्ट गेवरा परियोजना में कई मसलों को लेकर डंपर ऑपरेटरों ने काम ठप कर दिया। उनकी मांग है कि यहां के जीएम भाटी को हटाया जाए, अन्यथा दूसरी पाली में भी काम नहीं होगा।

संभवतः इस तरह की स्थिति पहली बार गेवरा परियोजना में निर्मित हुई। इस बार डंपर ऑपरेटरों ने सीधे अधिकारी को निशाने पर लिया। पहली पाली में उन्होंने कामकाज करने से इंकार कर दिया। तर्क है कि 8 घंटे की शिफ्ट है लेकिन उनसे जबरिया ज्यादा काम लिया जा रहा है। श्रम नियमों की धज्जियां इस मामले में उड़ाई जा रही है। यह भी कहा जा रहा है कि कई ऑपरेटरों को बिना कारण नोटिस देने के साथ निलंबित किया जा रहा है। इससे कर्मी हतोत्साहित हो रहे हैं। कर्मियों का यह भी कहना है कि पूरे मामले में गेवरा परियोजना के जीएम भाटी की भूमिका गैर जिम्मेदाराना बनी हुई है इसलिए उन्हें यहां से हटाया जाए। चेतावनी दी गई है कि अगर अल्टीमेटम को हल्के से लिया गया तो दूसरी पाली में भी काम नहीं किया जाएगा। कहा जा रहा है कि गेवरा परियोजना में डंपर ऑपरेटर लगातार ओवर बर्डन को दूर ले जाकर गिराते हैं। उन्हें इस कार्य में कई ट्रीप मारने पड़ते हैं। कोयला उत्पादन बढ़ाने के लिए अधिकारी लगातार काम पर जोर दे रहे हैं और डंपर ऑपरेटरों से अधिक काम ले रहे हैं। इन्हीं सब कारणों से आज प्रथम पाली में डंपर ऑपरेटर काम पर ही नहीं गए और डंपर शेड में नारेबाजी करने लगे। कर्मचारियों के रवैये ने प्रबंधन की दिक्कतों को बढ़ा दिया। गतिरोध को कैसे दूर किया जाए, इसके लिए कोशिश किये जाने की जानकारी मिली है।

Spread the word

You may have missed