कार्यकर्ता पैदल चलते रहे, कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज बीच रास्ते कार से पहुंचे राजभवन; पदयात्रा में आया नया मोड़

कार्यकर्ता पैदल चलते रहे, कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज बीच रास्ते कार से पहुंचे राजभवन; पदयात्रा में आया नया मोड़

14 किलोमीटर पदयात्रा का नेतृत्व कर रहे बैज ने पैर में मोच बढ़ने के बाद छोड़ा पैदल मार्च, कांग्रेस ने बताया स्वास्थ्य संबंधी मजबूरी


रायपुर। नकटी गांव में बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस की ओर से आयोजित 14 किलोमीटर लंबी “नकटी न्याय पदयात्रा” उस समय चर्चा का विषय बन गई, जब पदयात्रा का नेतृत्व कर रहे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज बीच रास्ते पैदल मार्च छोड़कर कार से राजभवन के लिए रवाना हो गए। जबकि दूसरी ओर कांग्रेस कार्यकर्ता और बुलडोजर कार्रवाई से प्रभावित परिवार पैदल ही राजभवन की ओर बढ़ते रहे।

कांग्रेस की ओर से बताया गया कि दीपक बैज के पैर में पहले से हल्की मोच थी। पदयात्रा के दौरान लगातार पैदल चलने से दर्द बढ़ गया और उन्हें दोबारा मोच आ गई। इसके बाद चिकित्सकीय सलाह पर उन्होंने वाहन का सहारा लिया और राजभवन के लिए रवाना हुए।

14 किलोमीटर पैदल मार्च का था आह्वान

कांग्रेस ने नकटी गांव से राजभवन तक करीब 14 किलोमीटर की पदयात्रा का आह्वान किया था। पदयात्रा में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, पदाधिकारी और बुलडोजर कार्रवाई से प्रभावित परिवार शामिल हुए। यात्रा का उद्देश्य प्रभावित परिवारों की मांगों को लेकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपना बताया गया।

कार्यकर्ता पैदल बढ़ते रहे, अध्यक्ष ने लिया वाहन का सहारा

यात्रा के दौरान दीपक बैज कुछ दूरी तक पैदल चले, लेकिन पैर में दर्द बढ़ने के बाद उन्होंने बीच रास्ते से कार का सहारा लिया। उधर कांग्रेस के अन्य नेता, कार्यकर्ता और प्रभावित परिवार पैदल मार्च जारी रखते हुए राजभवन की ओर बढ़ते रहे।

प्रभावित परिवारों ने उठाई पुनर्वास की मांग

पदयात्रा में शामिल महिलाओं और प्रभावित परिवारों ने “नकटी में ही घर बनाकर दो” के नारे लगाए। उनका कहना था कि उन्हें गांव से विस्थापित करने के बजाय उसी स्थान पर सम्मानजनक पुनर्वास दिया जाए।

राज्यपाल को सौंपा जाएगा ज्ञापन

कांग्रेस ने बताया कि राज्यपाल से मिलने के लिए समय मांगा गया है। समय मिलने पर पार्टी का प्रतिनिधिमंडल प्रभावित परिवारों की मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपेगा और पुनर्वास सहित अन्य मुद्दों पर हस्तक्षेप की मांग करेगा।



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