International Everest Day: इकलौता क्रिकेटर जिसने माउंट एवरेस्ट को किया फतेह, मर जाता अगर…

नई दिल्ली, 29 मई: हर साल 29 मई को पूरी दुनिया में एवरेस्ट डे मनाया जाता है। दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतेह करना किसी बड़े सपने से कम नहीं माना जाता। कई पर्वतारोहियों ने इस कठिन चुनौती को पूरा किया है, लेकिन क्रिकेट जगत में यह उपलब्धि हासिल करने वाले सिर्फ एक ही खिलाड़ी हैं — न्यूजीलैंड के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज एडम परोरे।
एडम परोरे ने साल 2011 में माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई पूरी कर इतिहास रचा था। इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने के करीब 9 साल बाद उन्होंने यह साहसिक कारनामा किया। 8,848 मीटर ऊंचे एवरेस्ट पर चढ़ना बेहद जोखिम भरा माना जाता है और इस दौरान कई लोग अपनी जान भी गंवा चुके हैं।
परोरे ने बताया था कि इस मिशन की तैयारी के लिए वह 27 मार्च 2011 को ही नेपाल पहुंच गए थे। वहां उन्होंने “हिमालय एक्सपीरियंस” कंपनी के साथ ट्रेनिंग ली और खुद को कठिन मौसम के अनुसार ढालने का प्रयास किया। लंबी तैयारी के बाद मई 2011 में उन्होंने सफलतापूर्वक एवरेस्ट फतेह किया।
हालांकि यह सफर आसान नहीं था। चढ़ाई के दौरान एक समय ऐसा भी आया जब उनकी ऑक्सीजन खत्म हो गई थी। उस मुश्किल घड़ी में उनके साथ मौजूद शेरपा ने उनकी जान बचाई।
परोरे ने खुद माना था कि अगर शेरपा मदद नहीं करता, तो शायद वह जिंदा वापस नहीं लौट पाते।एवरेस्ट की चोटी पर पहुंचने के अनुभव को याद करते हुए उन्होंने कहा था कि वहां खड़े रहना भी बेहद कठिन था। उन्होंने करीब 20 मिनट तक वहां समय बिताया, तस्वीरें खिंचवाईं और फिर नीचे उतरना शुरू किया। नीचे लौटने के बाद उनकी तबीयत काफी बिगड़ गई थी और कुछ समय के लिए उनकी आवाज भी चली गई थी। हालांकि बाद में उनकी हालत सामान्य हो गई।
अगर उनके क्रिकेट करियर की बात करें तो एडम परोरे ने कुल 418 मैच खेले, जिनमें लगभग 12 हजार रन बनाए और 11 शतक लगाए। विकेटकीपर के रूप में उन्होंने 500 से ज्यादा कैच और 57 स्टंपिंग भी कीं। इंटरनेशनल क्रिकेट में उन्होंने 257 मैच खेले और 6000 से अधिक रन बनाए।5 जुलाई 1990 को इंग्लैंड के खिलाफ डेब्यू करने वाले एडम परोरे न्यूजीलैंड के लिए खेलने वाले पहले माओरी क्रिकेटर भी थे।
