भारत–न्यूजीलैंड एफटीए: द्विपक्षीय व्यापार में नए दौर की हुई शुरुआत, दिल्ली में ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर

नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापारिक संबंधों को नई दिशा देते हुए सोमवार को एक महत्वपूर्ण मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मैक्ले मौजूद रहे। यह समझौता दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को एक नए स्तर पर ले जाने वाला माना जा रहा है।
रिकॉर्ड समय में पूरा हुआ समझौता
इस एफटीए की सबसे बड़ी विशेषता इसकी तेज़ी रही।
बातचीत मार्च 2025 में शुरू हुई थी
मात्र 9 महीनों में इसे अंतिम रूप दे दिया गया
इस समझौते के लागू होने के बाद भारत के निर्यातकों को न्यूजीलैंड बाजार में लगभग सभी उत्पादों पर 100% शुल्क-मुक्त पहुंच मिल जाएगी।
निर्यातकों को बड़ा फायदा, टैरिफ खत्म
पहले न्यूजीलैंड भारत के लगभग 450 उत्पादों पर करीब 10% आयात शुल्क लगाता था। अब यह पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।
इससे जिन क्षेत्रों को सबसे अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है, वे हैं:
0 कपड़ा और परिधान उद्योग
0 चमड़ा उद्योग
0 कालीन और सिरेमिक उत्पाद
0 ऑटोमोबाइल और उनके पुर्जे
0 हस्तशिल्प और अन्य श्रम-प्रधान उत्पाद
इसके बदले भारत ने भी न्यूजीलैंड के करीब 95% उत्पादों पर शुल्क रियायत देने का निर्णय लिया है।
कृषि और डेयरी क्षेत्र को सुरक्षा
0 भारत ने अपने किसानों और डेयरी उद्योग की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है।
0 दूध, पनीर, दही, क्रीम और मट्ठा जैसे उत्पाद समझौते से बाहर रखे गए हैं
0 कृषि क्षेत्र में भी संवेदनशील उत्पादों को संरक्षण दिया गया है
0 इससे घरेलू उत्पादन और किसानों के हित सुरक्षित रहेंगे।
निवेश और आर्थिक सहयोग में विस्तार
समझौते के तहत न्यूजीलैंड ने भारत में आने वाले 15 वर्षों में लगभग 20 अरब डॉलर निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है।
यह निवेश औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन में अहम भूमिका निभा सकता है।
छात्रों और पेशेवरों के लिए नए अवसर
यह एफटीए केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि मानव संसाधन सहयोग को भी बढ़ाता है:
0 भारतीय छात्रों को पढ़ाई के दौरान 20 घंटे प्रति सप्ताह काम करने की अनुमति
0 पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा को अधिक लचीला बनाया गया
0 5,000 कुशल भारतीय पेशेवरों के लिए अस्थायी रोजगार वीजा कोटा (3 वर्ष तक)
0 1,000 युवाओं के लिए वर्किंग हॉलिडे वीजा योजना
0 भारत–न्यूजीलैंड साझेदारी का बढ़ता दायरा
यह समझौता दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करता है।
भारत को जहां वैश्विक बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी, वहीं न्यूजीलैंड को एक बड़े और तेजी से बढ़ते बाजार में अवसर प्राप्त होंगे।
मंत्री पीयूष गोयल का बयान
पीयूष गोयल ने कहा कि बदलते वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में यह समझौता दोनों देशों के बीच गहरे भरोसे और साझा विकास दृष्टि का प्रतीक है। उन्होंने इसे “भारत के विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम” बताया।

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