गणतंत्र दिवस के अवसर पर कोरबा वन मंडल द्वारा भारतीय पैंगोलिन (कहट) संरक्षण पर आधारित जागरूकता झांकी ने जनमानस का ध्यान किया आकर्षित

कोरबा 28 जनवरी। गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में कोरबा वन मंडल द्वारा प्रस्तुत की गई भारतीय पैंगोलिन (कहट) संरक्षण पर आधारित जागरूकता झांकी ने जनमानस का विशेष ध्यान आकर्षित किया। इस झांकी के माध्यम से आम नागरिकों को भारतीय पैंगोलिन के महत्व, उसके पारिस्थितिक योगदान, अवैध शिकार, गैरकानूनी व्यापार तथा वर्तमान खतरों के बारे में प्रभावी संदेश दिया गया।

यह झांकी कटघोरा एवं कोरबा वन मंडल के वरिष्ठ वन अधिकारियों के मार्गदर्शन में तैयार की गई, जिसमें वन विभाग के मैदानी अमले की सक्रिय भागीदारी रही। झांकी का मुख्य उद्देश्य स्थानीय लोगों को यह समझाना था कि भारतीय पैंगोलिन एक संरक्षित और संकटग्रस्त वन्यजीव है, जिसकी तस्करी और अवैध शिकार वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत दंडनीय अपराध है।

झांकी में पैंगोलिन के प्राकृतिक आवास, उसकी विशिष्ट शल्क (ेबंसमे), कीट नियंत्रण में उसकी भूमिका तथा मानव गतिविधियों से उत्पन्न खतरों को रचनात्मक और शैक्षणिक रूप में दर्शाया गया। साथ ही यह संदेश भी दिया गया कि वन्यजीवों का संरक्षण ही जैव विविधता और स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र की आधारशिला है।

वहीं 26 जनवरी के अवसर पर परेड में कोरबा वन मंडल ने भाग लिया जिसमें वन रक्षकों (थ्वतमेज ळनंतके) ने भी अनुशासन और समर्पण का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिसके लिए कोरबा वन मण्डल को द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
वन विभाग को इस वर्ष दो ट्रॉफी मिलना वन विभाग के डीएफओ प्रेमलता यादव एवं निशांत कुमार के का कुशल मार्गदर्शन एसडीओ आशीष खेलवार एवं सूर्यकांत सोनी के निगरानी में कोरबा रेंजर मृतुन्जय शर्मा, कमलेश कुम्हार,अर्जुन कंवर, जितेंद्र सारथी, सिद्धांत जैन आदि लोगों की विशेष भूमिका रही भारतीय पोंगलिन के झाकी को कुछ दिनों में कड़ी मेहनत से तैयार करना वही प्रोफेशनल परेड में उत्कृष्ट स्थान आने के लिए लगातार रिहल्सल करना सफल रहा, जिसके लिए सभी बधाई के पात्र रहे।

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