कोरबा डीएमएफ फंड मामले में हाईकोर्ट सख्त, जांच समिति गठित

कोरबा- बिलासपुर 13 जनवरी। कोरबा जिले में जिला खनिज न्यास निधि (डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन-डीएमएफ) के कथित दुरुपयोग को लेकर दायर जनहित याचिका (पीआईएल) पर सोमवार को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत को जानकारी दी कि शिकायत की जांच के लिए बिलासपुर संभाग आयुक्त द्वारा एक जांच समिति का गठन कर दिया गया है।

मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की खंडपीठ के समक्ष अतिरिक्त महाधिवक्ता प्रवीण दास ने बताया कि जांच समिति की अध्यक्षता उपायुक्त (विकास), बिलासपुर संभाग करेंगे। समिति को कोरबा जिले में डीएमएफ फंड के उपयोग, स्वीकृत योजनाओं, व्यय प्रक्रिया और नियमों के पालन से जुड़े सभी बिंदुओं की गहन जांच का दायित्व सौंपा गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव ने अदालत को अवगत कराया कि हाईकोर्ट नियम, 2007 के तहत निर्धारित सुरक्षा राशि 5 जनवरी 2026 को जमा कर दी गई है। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व सुरक्षा निधि की राशि कम करने का आवेदन प्रस्तुत किया गया था, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था।

राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले की शुरुआत खनन मंत्रालय, भारत सरकार के अवर सचिव द्वारा 20 नवंबर 2024 को भेजे गए पत्र से हुई थी, जिसमें डीएमएफ फंड में कथित अनियमितताओं की शिकायत की गई थी। इस पत्र के आधार पर बिलासपुर संभाग आयुक्त ने मामले को कोरबा कलेक्टर को आवश्यक कार्रवाई के लिए अग्रेषित किया था।

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