कोरबा में डॉग टेरर! हर महीने 25 से ज्यादा लोग बन रहे शिकार

कोरबा। शहर और आसपास के इलाकों में इंसानों पर बड़े और आवारा कुत्तों के हमले लगातार बढ़ रहे हैं। पिछले दो-तीन महीनों के औसत पर नजर डालें, तो हर महीने 25 से अधिक लोग इन कुत्तों के शिकार होकर घायल हो रहे हैं। शहर में कुत्तों को नियंत्रित करने वाली यूनिट की मौजूदगी नाममात्र की रह गई है, जिससे लोग भय के माहौल में जी रहे हैं।

नगर निगम क्षेत्र में कुत्तों के हमलों की घटनाएं अन्य इलाकों की तुलना में अधिक हैं। हालांकि ग्रामीण और बाहरी क्षेत्रों में भी ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, पर उनकी संख्या अपेक्षाकृत कम है। आवारा और आक्रामक कुत्तों को नियंत्रित करने का जिम्मा जिनके पास है, वे खुद ही नदारद दिखाई दे रहे हैं।

बताया गया कि कुत्ता काटने की घटनाओं में पीडि़तों को पहले जिला अस्पताल—जो मेडिकल कॉलेज से एफिलिएटेड है—वहीं पर इंजेक्शन लगवाना अनिवार्य है। इसके बाद ही उन्हें अन्य सरकारी अस्पतालों से इलाज की सुविधा मिल सकती है।

अचानक हमले में घायल, इलाज के लिए भटका शख्स
कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत पुरानी बस्ती में शनिवार की शाम एक ऐसी घटना घटी जिसने लोगों को दहशत में डाल दिया। एक व्यक्ति अपने रास्ते पर जा रहा था, तभी उसके पीछे चल रहा कुत्ता अचानक झपटा और उसे जख्मी कर दिया। घायल व्यक्ति जब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा, तो वहां एंटी-रेबीज इंजेक्शन नहीं मिला। उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन जल्द कदम नहीं उठाता, तो ऐसे हमले और बढ़ सकते है।

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