मद्रास हाईकोर्ट का आदेश: ‘योजना में राजनीतिक हस्तियों का नाम अनुचित’

विज्ञापनों में जीवित नेता का नाम, पूर्व सीएम का फोटो लगाना गलत

चेन्नई, मद्रास हाईकोर्ट ने एक अहम आदेश में कहा है कि किसी सरकारी कल्याणकारी योजना को शुरू करने और संचालित करने के दौरान विज्ञापनों में किसी जीवित व्यक्ति का नाम, किंसी पूर्व मुख्यमंत्री या वैचारिक नेता की तस्वीर या पार्टी का प्रतीक चिन्ह, प्रतीक या झंडा नहीं होना चाहिए। चीफ जस्टिस मनींद्र मोहन श्रीवास्तव और जस्टिस सुंदर मोहन की बेंच ने यह भी कहा कि किसी भी सरकारी योजना के नामकरण में राजनीतिक हस्तियों के नाम का उल्लेख करना अनुचित है। सत्तारूढ़ राजनीतिक दल के नाम का इस्तेमाल करना सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग के निर्देशों के भी विरुद्ध है। बेंच ने एआईएडीएमके सांसद सी. वी.षणमुगम की याचिका पर यह आदेश दिया। याचिका में डीएमके पार्टी को राज्य सरकार की जन शिकायत निवारण योजना, मुधलवारिन मुगावरी, के लिए मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नाम का इस्तेमाल करने से रोकने की मांग की गई थी। बेंच ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक सरकार बनाम कॉमन कॉज और अन्य मामले में दिए निर्णय के तहत मुख्यमंत्री की तस्वीर का प्रकाशन स्वीकार्य है, लेकिन वैचारिक नेताओं या पूर्व मुख्यमंत्रियों की तस्वीरों का उपयोग गलत है। बेंच ने यह भी स्पष्ट किया कि उसने सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के शुभारंभ, कार्यान्वयन या संचालन के विरुद्ध कोई आदेश पारित नहीं किया है।

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