गोमती के धरने पर बैठने से एसईसीएल कुसमुंडा प्रबंधन में खलबली

कोरबा 22 जुलाई। सार्वजनिक क्षेत्र के वृहद उपक्रम कोल् इंडिया के अधीन संचालित एसईसीएल बिलासपुर की कोरबा-पश्चिम क्षेत्र में स्थापित खुले मुहाने की गेवरा कोयला परियोजना अंतर्गत एसईसीएल कुसमुंडा के प्रभावित ग्राम मनगाँव निवासी गोमती केंवट जब अपनी जिद पर अड़ी रही तो अधिकारियों में खलबली मच गई।

देर रात बताया गया शिकायत पर जांच शुरू कर दी गई
सोमवार को सुबह से महाप्रबंधक कार्यालय के गेट पर धरना देकर बैठी गोमती ने तीन दिन यहीं पर बैठे रहने की चेतावनी दी। देर रात उसे बताया गया कि शिकायत पर जांच शुरू कर दी गई है। इस आशय का पत्र भी उसे पढ़कर सुनाया गया।

जानकारी के अनुसार एसईसीएल कुसमुंडा ने पत्र में लिखा की गोमती केंवट ने शिकायत में यह बताया है कि कुसमुंडा क्षेत्र द्वारा अर्जित की गई ग्राम मनगाँव की खसरा क्रमांक 398/2, 398/3, 418/2, 432, 434/3, 437, 438/2, 441/2, 441/3 की भूमि उसके ससुर रमेश पुत्र सलिकराम की थी, तथा कूट रचना कर कोई अन्य नौकरी कर रहा है एवं भटगांव क्षेत्र में पदस्थ है।

इस संबंध में स्टाफ अधिकारी भटगाँव को कुसमुंडा महाप्रबंधक कार्यालय से जारी पत्र क्रमांक 1530 दिनांक 21-07-2025 प्रेषित किया गया है जिसमे यह उल्लेख किया गया है कि वे अगर नौकरी से त्यागपत्र/वीआरएस देते हैं या त्यागपत्र/वीआरएस प्रक्रियाधीन है तो इस संबंध में नियमानुसार कार्यवाही की जाए। जांच कार्यावाही तक देय भुगतान पर रोक लगाई जाएगी। साथ ही शिकायत को ध्यान में रखते हुए प्रहलाद पुत्र रमेश की विभागीय जांच भटगाँव क्षेत्र में लंबित है, इस जांच कार्यवाही में कुसमुंडा क्षेत्र अवश्यकतानुसार मदद करेगा ताकि जांच में विलंब न हो। साथ ही एक अधिकारी को जो भू-राजस्व विभाग कुसमुंडा से हो, इस कार्य हेतु भेजा जाएगा।

Spread the word

You may have missed