लंबित प्रकरणों का उचित समाधन पहला उद्देश्यः डा. वर्णिका शर्मा

राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्ष की पत्रकारवार्ता

कोरबा 12 मई। राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डा. वर्णिका शर्मा ने कहा कि श्रम से जुड़े बच्चों को एकल खिड़की लेने के माध्यम से लाभांवित किया जाएगा। सबसे पहले उन प्रकरणों की सुनवाई की जाएगी जो लंबे समय से लंबित चल रहे थे। अध्यक्ष का प्रभार लेने के बाद उनका पहला उद्देश्य यही है।

राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग छग शासन की अध्यक्षा डा. वर्णिका शर्मा ने बताया कि अध्यक्ष बनने से पूर्व मैंने क्षेत्र में काफी काम किया है। अच्छी तरह से जानती हूं कि प्रदेश में बच्चों की स्थिति क्या है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले मुझे लंबित प्रकरणों की सुनवाई करना है। सबसे अधिक दुख तब होता है कि प्रकरण लंबित होते हैं और जब तक न्याय मिलता है आखों के आंसू सूख चुके होतें हैं। डा. शर्मा ने बताया कि मेरा पहला काम बच्चों के अधिकारों का सरंक्षण करना है। दूसरा वे बच्चे जिनके अधिकारों का हनन हो रहा है उस दिशा में काम करना है। उन्होंने बताया कि उस समय बहुत पीड़ा होती है जब मैदानी क्षेत्र के बच्चे समर कैंप में जाते हैं।

दूसरी ओर वे बच्चे जो श्रम के लिए जाते हैं। हमें ध्यान देना होगा कि बच्चे बाल श्रम की ओर अग्रसर न हो। इसे रोकने के लिए माह में 7 दिन अभियान चलाकर बाल श्रमिक बच्चों को रेस्क्यू किया जाएगा और एकल खिड़की के माध्यम से चाहे सक्षमता से जुड़ी योजना हो या अन्य योजना के माध्यम से लाभ दिया जाएगा। इस दौरान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डा. वर्णिका शर्मा के अलावा किशोर न्याय बोर्ड के अध्यक्ष मनीष शर्मा भी उपस्थित रहे।

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