कोरबा 20 अपै्रल। आईसीडीएस के द्वारा जिले में पोषण पखवाड़ा पर विभिन्न कार्यक्रम किए जा रहे हैं। सीतामणी सेक्टर के सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों में सेक्टर सुपरवाइजर स्वाति राठौर के नेतृत्व में कार्यक्रम आयोजित कर गर्भवती व शिशुवती महिलाओं, उनके पति, किशोरी बालिकाओं को पोषण सम्बन्धी जानकारी देने के साथ एनीमिया (रक्त की कमी) से निपटने के प्रति भी जानकारी दी गई।

इसी क्रम में शनिवार को बहू सम्मेलन की तर्ज पर पति-पत्नी सम्मेलन का आयोजन किया गया। गर्भावस्था के दौरान देखभाल-पोषण की जानकारी देते हुए बच्चों के 2 वर्ष आयु होने तक 1000 दिवस की जानकारी दी गई। स्तनपान का महत्व बताया गया। आंगनबाड़ी केंद्र पुरानी बस्ती 4 में भी कार्यक्रम हुए। सही जवाब देने वाले पुरस्कृत हुए। बताया गया कि पोषण पखवाड़ा 2025 बच्चे के जीवन के पहले 1,000 दिनों पर केंद्रित है, क्योंकि यह बच्चे के विकास के लिए बेहद अहम वक्त होता है। गर्भवती महिला जो खाना खाती है, स्वास्थ्य से जुड़ी जो सेवाएं उसे मिलती है, और इन अहम शुरुआती महीनों में उसे जो सलाह मिलती है, वह न केवल उसके बच्चे के शारीरिक स्वास्थ्य को आकार देता है, बल्कि उसके मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को भी आकार देता है। पहले 1,000 दिन गर्भाधान से लेकर बच्चे के दूसरे जन्मदिन तक शारीरिक विकास और मस्तिष्क के विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। इसलिए, पोषण अभियान ने जीवन के पहले 1000 दिनों पर विशेष जोर दिया है, जो वास्तव में किसी भी बच्चे के लिए जादुई काल है।

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